असम NRC: 3 साल से नजरबंदी कैंप में सड़ रही हिंदू महिला, लगा विदेशी का तमगा

Daily news network Posted: 2019-06-10 16:16:13 IST Updated: 2019-06-10 16:16:13 IST
असम NRC: 3 साल से नजरबंदी कैंप में सड़ रही हिंदू महिला, लगा विदेशी का तमगा
  • 3 साल से हिंदू महिला अपने परिवार के साथ नजरबंदी कैंप में रहने को मजबूर है।

गुवाहाटी

असम NRC में खामियों को लेकर आए दिन नए नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। गौरतलब इन्हीं खामियों की वजह एक और जहां सेना के रिटायर्ड अफसर सनाउल्ला खान नजरबंदी कैंप में डाल दिया गया। लेकिन इसको लेकन एक और ताजा उदाहरण सामने आया है जिसमें मधुबाला मंडल नाम की हिंदू महिला अपने परिवार समेत नजरबंदी कैंप में रहने को मजबूर है। अभी तक इस महिला को लेकर प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है।

 

ऐसे आई बात सामने

यह बात तब सामने आई जब हाल ही में  All Assam Minority Students Union (AAMSU) ने असम पुलिस की बॉर्डर ब्रांच और फोरेनरर्स ट्रिब्यूनल से इस मधुबाला समेत उसके परिवार को नजरबंदी कैंप से रिहा करने की मांग की। इस यूनियन ने इस परिवार को जल्द से जल्द रिहा करने की मुहिम भी छेड़ी है। यह महिला असम के कोकराझार जिले के एक नजरबंदी कैंप में 3 साल से रह रही है।

 

इस गांव की रहने वाली है

मधुबाला असम के चिरांग जिले के सब—डिविजन बिजनी के बिसनुपुर गांव की रहने वाली है। लेकिन उनको असम NRC के चलते विदेशी घोषित कर दिया गया और रहने के लिए नजरबंदी कैंप में रख दिया। इस कैंप में मधुबाला अकेली नहीं हैं बल्कि उनके साथ उनका पूरा परिवार है। आपको बता दें कि उनके माखन नामा दास की उसी समय मृत्यु हो गई थी जब उनके परिवार को विदेशी घोषित करते हुए नोटिस दिया गया। लेकिन उनकी जल्द से जल्द रिहाई को लेकर AAMSU की ओर एक मुहिम चलाई जा रही है। इस यूनियन की ओर मधुबाला के परिवार को कपड़े और खाने—पीने की चीजें भी दी गई हैं।