असमः 29 लाख विवाहित महिलाआें के नागरिकता की जांच शुरू,जल्द आएगा फैसला

Daily news network Posted: 2018-04-03 17:17:43 IST Updated: 2018-04-03 17:17:43 IST
असमः 29 लाख विवाहित महिलाआें के नागरिकता की जांच शुरू,जल्द आएगा फैसला
  • असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को अपडेट करने की प्रक्रिया राज्य में चल रही है जिसके तहत 29 लाख विवाहित महिलाओं की नागरिकता की पुष्टि की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई।

गुवाहाटी

असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को अपडेट करने की प्रक्रिया राज्य में चल रही है जिसके तहत 29 लाख विवाहित महिलाओं की नागरिकता की पुष्टि की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई।

 


बीते 31 दिसंबर को एनआरसी के पहले मसौदे में इनके नाम शामिल नहीं थे। इन महिलाओं ने ग्राम पंचायतों की ओर से जारी आवास प्रमाणपत्र जमा किया था जिसके बाद अब जाकर इनके नामों का सत्यापन हो सका है।

 


 

 बता दें कि बीते साल गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा था कि ऐसे प्रमाण पत्रों को नागरिकता साबित करने का आधार नहीं माना जा सकता। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसे दस्तावेज के जरिए जांच के बाद किसी महिला या पुरुष के उसके पिता के साथ संबंधों की पुष्टि की जा सकती है। एनआरसी के तहत राज्य से ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जो असम में 1971 के बाद आएं हैं, जिसके बाद उन्हें वापस उनके देश भेजा जा सके।

 


 एनआरसी के राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला के अनुसार

 

 एनआरसी के राज्य संयोजक प्रतीक हाजेला ने बताया कि इस कवायद के तहत ऐसी महिलाओं को उनके पिता के करीब स्थित केंद्रों में बुला कर पूछताछ की जा रही है। इसके लिए पूरे राज्य में 1235 केंद्र खोले गए हैं और ढाई हजार अधिकारियों को काम पर लगाया गया है। हाजेला के मुताबिक एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया जून तक पूरी हो जानी है।

 

 


 

 सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है

 

 यह पूरी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायलय की देख रेख में की जा रही है, जिसे आखिरी तारीख 30 जून से पहले प्रकाशित करने का आदेश दिया गया है, अदालत ने असम की सरकार को सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए 30 जून का समय सीमा दी है हालांकि फरवरी में असम सरकार ने इस काम को इतने समय में पूरा करना असंभव बताते हुए अदालत से अनुरोध किया था कि तय समय सीमा को आगे बढ़ा दिया जाये। जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया है, और तय सीमा में ही प्रक्रिया को पूरा  बात कही है।