देश में छिपे घुसपैठियों के खिलाफ पहली बाद बीजेपी सरकार ने उठाया ऐसा खतरनाक कदम

Daily news network Posted: 2019-02-19 12:11:40 IST Updated: 2019-02-19 19:07:54 IST

गुवाहाटी

असम सरकार पहली बार विदेशी घोषित व्यक्तियों के बारे में एक कॉमन डाटा बेस तैयार कर रही है। गृह विभाग की ओर से राज्य विधानसभा में संसदीय मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने यह जानकारी दी। कांग्रेस के विधायक नुरुल हुदा के विदेशी घोषित व्यक्तियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि जीविका की छटपटाहट और कानून एक बात नहीं है। निर्धारित समय पर कानून के सामने उपस्थित न होने पर अदालतों से एकपक्षीय फैसला आता है। लेकिन इसमें अपील का पूरा मौका रहता है। अदालत तथ्यों को देखने के बाद ही अपना फैसला सुनाती है। अब तक तथ्यों में काफी गड़बड़ियां रहती हैं। इसलिए हमारी सरकार ने कॉमन डाटा बेस तैयार करने का फैसला किया है। इसमें चुनाव विभाग, सीमा पुलिस और विदेशी न्यायाधिकरण के तथ्यों को एक साथ लाया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।

 

 

उन्होंने कहा कि जिन्हें अदालत ने भारतीय घोषित कर दिया है, उनके बारे में स्क्रीनिंग जरूरी है। देश की संप्रभुता की बात है। कांग्रेस के विधायक कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ्य ने कहा कि भारतीय घोषित लोगों का मामला क्यों स्क्रीनिंग कमेटी में भेजा जाता है। पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने कहा कि भारतीय नागरिक परेशान न हो, इसके लिए मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाना जरूरी है। इसलिए इस पर चर्चा की गुंजाइश है।

 


संसदीय कार्य मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने बात को स्वीकारते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। पटवारी ने सदन में तथ्य दिया कि विदेशी न्यायाधिकरण में 31 अगस्त 2018 तक 1,03,764 लोगों को विदेशी करार दिया गया है। इनमें से एक पक्षीय फैसले में 57,384 लोगों को विदेशी करार दिया गया है। विदेशी घोषित लोगों में से 32,860 वर्ष 1966-71 में आये हुए हैं। इनमें से 14,652 एफआरआरओ में पंजीकृत हुए हैं।