राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं से आहत हैं असम के मुख्यमंत्री

Daily news network Posted: 2018-04-17 13:14:20 IST Updated: 2018-04-17 13:14:20 IST
राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं से आहत हैं असम के मुख्यमंत्री
  • राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं से असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी आहत हैं

डिब्रूगढ़।

राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं से असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी आहत हैं। उन्होंने असमिया नववर्ष के मौके पर वृहद असमिया समाज को सशक्त करने के लिए हुए एक कार्यक्रम में अपने दिल के दर्द को सभी के सामने रखा।  उन्होंन कहा कि नारी का सम्मान रहने से ही विश्व का सम्मान रहेगा। इसलिए नारी का सम्मान करना बहुत जरुरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार आम जनता को आतंक मुक्त समाज देने के लिए प्रयत्नशील है, पर आम जनता का भी उसमें सहयोग अनिवार्य है। 


 

उक्त कार्यक्रम में असम साहित्य सभा के पूर्व सभापति व साहित्यिक डॉ. नगेन सैकिया व सांसद रामेशवर तेली सहित भाजपा विधायक, पदाधिकारी, वरिष्ठ कर्मी के अलावा बड़ी संख्या में विभिन्न भाषा-भाषी, धर्मावलंबी, व्यवसायी, शिक्षक, कर्मचारी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार इस सभागर में सभी धर्म, कर्म, वर्ण व भाषा के लोग उपस्थित हैं, उसी प्रकार सभी को एकजुट होकर राज्य के विकास में अपना सहयोग देना होगा, तभी राज्य का विकास संभव है। 


 

 

उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना बहुत जरुरी है पर आलोचना सकारात्मक होनी चाहिए। गणतंत्र में आलोचना का बहुत महत्व है। सत्ता में रहने वालों को आलोचना के जरिए ही विपक्ष सरकार चलाने में सहयोग करती है। सकारात्मक आलोचना का वे स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता सरकार की माता-पिता है। ऐसे में गलत कार्य होने पर जनता को सामने आना होगा। भ्रष्टाचार को खत्म करने में मुख्यमंत्री ने जनता का सहयोग मांगा। उन्होंने न दें, न ले का नारा दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुख्यमंत्री अकेले कुथ नहीं कर सकता जब तक जनता उनका साथ नहीं दे। सभा में मुख्यमंत्री ने राज्य में दूध उप्पादन व गो पालन को बढ़ावा देने के साथ ही पौधरोपण करने का आह्वान किया।