भूकंप के तेज झटके से सहमा अरुणाचल और असम, ये रही तीव्रता

Daily news network Posted: 2019-04-24 10:07:08 IST Updated: 2019-04-24 10:18:58 IST
भूकंप के तेज झटके से सहमा अरुणाचल और असम, ये रही तीव्रता
  • अरुणाचल प्रदेश में तड़के आए भूकंप ने सबको सहमा दिया। भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और सीमा पार नेपाल में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।

नई दिल्ली

अरुणाचल प्रदेश में तड़के आए भूकंप ने सबको सहमा दिया। भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और सीमा पार नेपाल में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केन्द्र अलोंग के दक्षिण पूर्व में करीब 40 किलोमीटर दूर था। जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, हालांकि इसमें अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। अरुणाचल प्रदेश में करीब 1.45 मिनट पर भूकंप आया। अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ अमस और तिब्बत के इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

 

 

 


यूएसजीएस के अनुसार भूकंप का केंद्र डिब्रूगढ़ शहर के उत्तर-पश्चिम में 71 मील बताया जो 5.8 मील की उथली गहराई पर थी रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप मंगलवार देर रात 1:45 बजे और तिब्बत में सीमा पर भी महसूस किया गया। आपकों बता दें कि ब्रहम्पुत्र नदी के पास असम चाय उगाने वाला क्षेत्र चीन के साथ सीमा के करीब है और काफी आबादी है।

 



वहीं नेपाल की राजधानी काठमांडू भी आज सुबह भूकंप के झटके से सहम गया। यह भूकंप ऐसे वक्त में आया, जब सभी नींद में सो रहे थे, बताया जा रहा है कि भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर के दीवार तक हिलने लगे। पहला झटका काठमांडू में तड़के सुबह करीब 6.14 मिनट पर आया। उसके बाद 6.29 मिनट पर काठमांडू में इसकी तीव्रता 4.8 और 6.40 मिनट पर ढढिंग जिले में 5.2 और 4.3 रिक्टर स्केल रही। हालांकि, यहां से भी अभी तक किसी तरह की क्षति की खबर नहीं है।

 

 

 


ऐसे बरतें सावधानी

भूकंप आने के वक्त यदि आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें। जब तक झटके खत्म न हों, बाहर ही रहें। चलती गाड़ी में होने पर जल्द गाड़ी रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें। ऐसे पुल या सड़क पर जाने से बचें, जिन्हें भूकंप से नुकसान पहुंचा हो। भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं। मज़बूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें। टेबल न होने पर हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें। घर के किसी कोने में चले जाएं और कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें। बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिये से सिर ढक लें। कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें, आमतौर पर इमारतों में बनी सीढ़ियां मज़बूत नहीं होतीं। झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें।