लोकसभा चुनाव से साथ-साथ बदल जाएगी इस राज्य की भी किस्मत, जानिए कैसे

Daily news network Posted: 2019-05-08 12:59:14 IST Updated: 2019-05-08 12:59:14 IST
लोकसभा चुनाव से साथ-साथ बदल जाएगी इस राज्य की भी किस्मत, जानिए कैसे

लोकसभा चुनावों के साथ-साथ देश के चार राज्यों में विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो रहे हैं। इन राज्यों में से एक है अरुणाचल। अरुणाचल की 60 विधानसभा सीटों और दो लोकसभा सीटों के लिए 11 अप्रैल को मतदान हुआ। खास बात यह भी है कि अरुणाचल विधानसभा चुनाव 2019 और लोकसभा चुनाव 2019 का परिणाम एक साथ आएगा। 2014 के चुनावों के बाद अरुणाचल प्रदेश में काफी उतार चढ़ा देखने को मिले हैं। यहां के मुख्यमंत्री कोलिखो पुल के द्वारा अपने आवास में सुसाइड की खबर ने सबको चौंका दिया था। कुछ समय के लिए यहां राष्ट्रपति शासन भी लगाना पड़ा।

 

 


विधानसभा चुनाव 2019 के लिए राज्यभर में बने 2202 पोलिंग बूथों में 794162 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिनमें 401601 महिला मतदाता शामिल थे। यहां के दूर दराज इलाके में चीन बॉर्डर के पास एक ऐसा पोलिंग बूथ भी रहा जहां सिर्फ एक वोट ही डाला गया। राज्य में सबसे ऊंचाई वाला पोलिंग बूथ करीब 13500 फीट की ऊंचाई में बनाया गया था। यह पोलिंग बूथ तवांग जिले की मुक्तो विधानसभा क्षेत्र में स्थित लुगुथंग में था।  

 

 



राज्य में लोकसभा और विधानसभा दोनों का चुनाव मुख्य रूप से तो कांग्रेस और भाजपा के बीच लड़ा गया लेकिन कोनराड संगमा की नेतृत्व एनपीपी, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल प्रदेश और जनता दल (सेक्युलर) भी अपना दमखम दिखाने की कोशिश में हैं। भाजपा के वर्तमान मुख्यमंत्री पेमा खांडू मुक्तो विधानसभा सीट से मैदान पर उतरे तो पूर्व मुख्यमंत्री गेगांग अपांग बीजेपी छोड़कर जेडीएस की टिकट से चुनाव में उतरे। अरुणाचल विधानसभा में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की बात करें तो कांग्रेस के मौजूदा सांसद इरिंग पासीघाट वेस्ट सीट से चुनाव मैदान में हैं।