डोकलाम पर भारत और चीन के बीच बढ़ा विवाद, सेना प्रमुख पहुंचे लद्दाख

Daily news network Posted: 2018-03-31 10:44:19 IST Updated: 2018-03-31 10:44:19 IST
डोकलाम पर भारत और चीन के बीच बढ़ा विवाद, सेना प्रमुख पहुंचे लद्दाख
  • डोकलाम पर चीनी हस्ताक्षेप के बाद एक बार फिर से दोनों देशो के बीच तनाव बढ़ गया है और इसी बीच भारत के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने इस्टर्न लद्दाख

गंगटोक

डोकलाम पर चीनी हस्ताक्षेप के बाद एक बार फिर से दोनों देशो के बीच तनाव बढ़ गया है और इसी बीच भारत के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने इस्टर्न लद्दाख के चीन सीमा के पास स्थित अग्रिम पोस्ट का दौरा किया और बॉर्डर पर तैनात जवानों से बात भी की।

 

 


 

 आर्मी चीफ को इस्टर्न लद्दाख के चीन सीमा के पास स्थित इस अग्रिम पोस्ट पर जवानों की तैयारी से अवगत कराया गया। आर्मी चीफ ने जवानों के प्रयासों को सराहा जो प्रतिकूल मौसम में भी देश की रक्षा में डटे हुए हैं। चीन सीमा के पास स्थित इस्टर्न लद्दाख की अग्रिम पोस्ट पर तापमान हमेशा शून्य के नीचे रहता है। जवानों ने बताया कि आर्मी चीफ के दौरे ने उनके अंदर जोश भरा है।

 

 


 आपको बता दें कि आर्मी चीफ का दौरा उस समय हुआ है जब चीन डोकलाम पर एक बार फिर दावा कर रहा है। चीन ने डोकलाम पर एक बार फिर भारत को धमकी दी है कि पिछले साल चले गतिरोध पर चीन ने कहा कि भारत को इससे सबक लेना चाहिए, डोकलाम चीन का हिस्सा है। चीन का यह बयान भारत के राजदूत के उस बयान के बाद आया था जिसमें कहा गया था कि चीन डोकलाम की स्थिति को बदलने का प्रयास न करे।

 

 


 चीन में भारत के राजदूत गौतम बम्बावले के बयान के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने दोहराया था कि डोकलाम चीन का हिस्सा है, क्योंकि हमारे पास ऐतिहासिक संधिपत्र हैं। उन्होंने मीडिया से कहा था कि यहां चीन की गतिविधियां हमारे सार्वभौम अधिकार के तहत हैं यथास्थिति बदलने जैसा कुछ भी नहीं है।

 

 


 गौरतलब है कि भारतीय राजदूत ने हॉंगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ से साक्षात्कार में डोकलाम गतिरोध के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि चीन ने यथास्थित बदलने की कोशिश की थी, इसीलिए ऐसा हुआ था, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था।