गुरुग्राम के आर्किटेक्ट सिक्किम में कर रहे हैं ऐसा काम

Daily news network Posted: 2018-02-13 10:49:32 IST Updated: 2018-02-13 10:49:32 IST
गुरुग्राम के आर्किटेक्ट सिक्किम में कर रहे हैं ऐसा काम

सिक्किम में बन रहे परशुराम धाम को गुरुग्राम के आर्किटेक्ट रपेश शर्मा और हेमंत खन्ना तैयार करा रहे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनने जा रहा है, जहां भगवान परशुराम की विश्व की सबसे ऊंची धातु की प्रतिमा लगाई जाएगी। यह प्रतिमा मानेसर के मातू राम आर्ट सेंटर के मूर्तिकार नरेश कुमार के नेतृत्व में बनाया जा रहा है।

 

 पूर्वी सिक्किम जिले के रेकडांग तिनतेक तहसील के लांअर तुमिन में 4.6 एकड़ में बन रहे परशुराम कांप्लेक्स का शिलान्यास आठ फरवरी को सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने किया। बता दें कि यह मूर्ति 54 फीट ऊंची होगी। यह भारत में भगवान परशुराम की सबसे लंबी मूर्ति होगी। मुख्य मूर्ति के सपोर्ट के लिए विस्तृत इंफ्रास्ट्रक्चर होगा। पूरे कॉम्प्लेक्स को परशुराम धाम कहा जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल लागत आएगी 78.04 करोड़ रुपए। मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए इलाके के लोगों को बधाई दी।

 

 


 उन्होंने पूर्ण होने के बाद यह प्रोजेक्ट राज्य और देश के टूरिज्म हेरिटेज डेस्टिनेशंस के बास सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्थलों में से एक होगा। चामलिंग ने कहा था कि भगवान परशुराम की मूर्ति भारत की सबसे बड़ी और ऊंची मूर्ति होगी। इससे क्षेत्र के लोगों के लिए अवसर के द्वार की बाढ़ आ जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से कई लाभ होंगे। जमीन के दाम बढ़ जाएंगे, होटलों, कारों और अन्य सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुल जाएंगे। फूलों की दुकानें, हार गृह, दूध व दूध के उत्पाद, पूजा की वस्तुओं से संबंधित दुकानें खुलेंगी। इसके अलावा यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाएगा।

 

 

 


 राज्य में इसी तरह के प्रोजेक्ट पर बोलते हुए चामलिंग ने कहा कि राज्य सरकार का विजन राज्य व यहां के लोगों के विकास व प्रगति के लिए सिक्किम में मौजूद संसाधनों का किफायती रूप से इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी संस्कृति और परंपरा को मॉर्डन डिवलपमेंट मैथड के साथ इंटीग्रेट किया है। यह विशेष प्रोजेक्ट उसका एक और उदाहरण होगा। प्रोजेक्ट यह ध्यान रखा गया है कि सेंटर में 54 फीट ऊंची भगवान परशुराम की मूर्ति के साथ आर्ट रिलीजियस कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जाएगा। 54 फीट ऊंची मूर्ति ब्रॉन्ज मेटल से बनेगी। यह लॉ वैक्स प्रोसेस से तैयार होगी। यह मूर्ति पेडेस्टल से 15 से 16 फीट ऊंची रखी जाएगी।