भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है आज की तारीख

Daily news network Posted: 2019-04-26 08:58:35 IST Updated: 2019-04-26 10:16:02 IST
भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है आज की तारीख
  • इतिहास में 26 अप्रैल की तारीख कई वजह से महत्वपूर्ण है, जिनमें एक कारण यह है कि इसी दिन सिक्किम को भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया और यह देश का 22वां राज्य बना।

नयी दिल्ली

इतिहास में 26 अप्रैल की तारीख कई वजह से महत्वपूर्ण है, जिनमें एक कारण यह है कि इसी दिन सिक्किम को भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया और यह देश का 22वां राज्य बना। इससे पूर्व 14 अप्रैल को राज्य में जनमत संग्रह कराया गया और जनता ने भारतीय संघ में शामिल किए जाने के हक में वोट दिया।

 

 



भारतीय संघ में शामिल किए जाने के 20 दिन बाद 16 मई को सिक्किम को औपचारिक रूप से भारत के 22वें राज्य का दर्जा मिला। इसे चीन के अलावा बाकी सभी देशों ने मान्यता दे दी। साल का यह 116वां दिन अमेरिका के अंतरिक्ष इतिहास में भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसी दिन अमेरिका का पहला अंतरिक्ष यान चंद्रमा की सतह पर उतरा। देश दुनिया के इतिहास में 26 अप्रैल की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:- 1654: यहूदियों को ब्राजील से निकाला गया। 1755: रूस का पहला विश्वविद्यालय राजधानी मॉस्को में खोला गया।

 

 

 


1828: यूनान की आजादी के समर्थन में रूस की तुर्की के खिलाफ युद्ध की घोषणा। 1903 : गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में वकालत शुरू की और वहां ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की। 1920: महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजम का निधन। 1959: क्यूबा ने पनामा पर आक्रमण किया। 1962: पहली बार एक अमेरिकी अंतरिक्ष यान ने चाँद की सतह को छुआ। 1964 : तंगांयिका और जंजीबार के विलय के बाद तंजानिया संयुक्त गणराज्य की स्थापना हुई और जूलियस न्येरेरे इसके प्रथम राष्ट्रपति बने।

 

 

 


1975: सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना। 1986 : तत्कालीन सोवियत संघ के यूक्रेन प्रांत के चेरनोबिल में परमाणु हादसा हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी विकीरण हुआ। 1990 : वीआरपी मेनन ने 463 घंटे तक लगातार डिस्को डांस करने का विश्व रिकार्ड अपने नाम किया। 1962 : अंतरिक्ष यान रेंजर-4 ने चांद की सतह पर कदम रखा। चांद तक पहुंचने वाला यह पहला अमेरिकी अंतरिक्ष यान था। तकनीकी गड़बड़ी के कारण इसका संपर्क पृथ्वी से टूट गया और यह चांद की सतह के चित्र नहीं भेज सका।