कांग्रेस को मिल सकती है संजिवनी, ये पार्टी दे रही है साथ देने का भरोसा

Daily news network Posted: 2019-03-14 13:45:41 IST Updated: 2019-03-14 13:47:08 IST
कांग्रेस को मिल सकती है संजिवनी, ये पार्टी दे रही है साथ देने का भरोसा
  • अगप और भाजपा के पुनर्मिलन के बाद एआईयूडीएफ को लगने लगा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन का उसका वर्षों पुराना सपना अब पूरा हो जाएगा। पार्टी के मुखिया मौलाना बदरूद्दीन अजमल के मुताबिक उनकी दिली...

गुवाहाटी

अगप और भाजपा के पुनर्मिलन के बाद एआईयूडीएफ को लगने लगा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन का उसका वर्षों पुराना सपना अब पूरा हो जाएगा। पार्टी के मुखिया मौलाना बदरूद्दीन अजमल के मुताबिक उनकी दिली ख्वाहिश है कि कांग्रेस उससे गठबंधन कर ले। उन्होंने कहा कि एआईसीसी महासचिव अहमद पटेल के माध्यम से इस बात को आगे बढ़ाने की मुहीम शुरू भी हो गई है।


 पिछले लोकसभा चुनाव के समय से ही मौलाना अजमल भाजपा को हराने के लिए कांग्रेस से गठबंधन का अाह्वान करते आ रहे हैं। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री तरूण गोगोई, प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा और देवब्रत सैकिया सहित राज्य के तमाम कांग्रेस के नेता इसका  विरोध करते आ रहे हैं। केंद्रीय नेतृत्व भी राज्य इकाई के विरोध के अागे इस बारे में कोई निर्णय लेने से बचता अा रहा है।

 

 हालांकि अब भाजपा और अगप के साथ आने के बाद राजनीतिक समीकरण बदले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक अजमल सीधे राहुल-सोनिया और प्रियंका से संपर्क साधने की कोशीश में हैं।अपनी राज्य इकाई के पूर्ण विरोध के बावजूद कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अगप को साथ ले सकता है तो कांग्रेस एआईयूडीएफ को साथ क्यों नहीं ले सकती।


 वैसे कंग्रेस से गठबंधन की औपचारिक घोषणा से पहले एआईयूडीएफ प्रमुख पहले ही राज्य से आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का एेलान कर चुके हैं। जबकि कंग्रेस सभी चौदह सीटों पर ताल ठोंक रही है। बदले माहौल में एआईयूडीएफ संभवतः तीन सीटों पर राजी हो सकती है। उसके फिलहाल तीन सांसद लोकसभा में हैं।

 

 


एग्जीट पोल को आधार बनाएं तो साफ है कि कांग्रेस बिना गठबंधन सत्ता में आने वाली नहीं है। उन्हें  राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग पार्टियों से गठबंधन करना ही होगा।  एआईयूडीएफ कोशिश कर रही है कि चुनाव-पूर्व भाजपा विरोधी गठबंधन बन जाए। उनके मुताबिक फिलहाल उनकी कोर वर्किंग कमेटी को अपने प्रत्याशी पर अंतिम फैसला लेना बाकी है। उन्हें दूसरी राजनीतिक पार्टियों, खासतौर से कांग्रेस की सूची की प्रतीक्षा है। पूरी योजना और सटीक नजरिए के साथ उनकी पार्टी की सूची जारी की जाएगी