सिक्किम के लोगों के लिए खुशखबरी, रम्फू-सेवक के बीच बनेगी under-ground रेलवे लाइन

Daily news network Posted: 2018-04-05 10:48:29 IST Updated: 2018-08-28 11:47:22 IST
सिक्किम के लोगों के लिए खुशखबरी, रम्फू-सेवक के बीच बनेगी  under-ground रेलवे लाइन
  • लालकोठी में भारतीय उत्तर पूर्व रेलवे अधिकारियों एवं जीटीए चेयरमैन के बीच बैठक हुई।

दार्जिलिंग।

लालकोठी में भारतीय उत्तर पूर्व रेलवे अधिकारियों एवं जीटीए चेयरमैन के बीच बैठक हुई। बैठक में सेवक से लेकर रम्फू  तक रेलवे लाइन बिछाने को लेकर अहम समझौता हुआ। समझौते के बाद जीटीए ने अगले एक सप्ताह में एनओसी देने का फैसला ले लिया है। बता दें कि ये गत 27 मार्च को सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग व जीटीए प्रमुख विनय तमांग के बीच हुई विकास मुद्दे पर बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण विषयों पर समझौते हुए थे। उस समझौते के बाद यह बैठक हुई।


 

 

लाल कोठी के सभाकक्ष हाल में उत्तर पूर्व रेलवे विभाग के चीफ  एडमिनिस्ट्रेशन आफिसर ए प्रकाश (कंसट्रक्शन-2) और डिप्टी चीफ  इंजीनियर (कंसट्रक्शन) एनजेपी के आर के बादल, दिल्ली व असम के अधिकारी ए के गोयल, बीएस मीणा, टीटी भूटिया एवं जीटीए चेयरमैन विनय तमांग के अलावा दो विधायक अमर सिंह राई व रोहित शर्मा के बीच हुई बैठक में समझौता हुआ।


 

बैठक के बाद रेलवे विभाग के सीएओ ए प्रकाश ने कहा कि सेवक से लेकर सिक्किम के रम्फू तक रेलवे लाइन बिछाने में चौदह बड़ी और छोटा सुरंग में आठ पुल बनेंगे। इन सब को बनाने में छह हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। किसी भी ग्रामवासी को कोई परेशानी न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

 

 

इस अवसर पर जीटीए चेयरमैन विनय तमांग ने कहा कि चार स्टेशन बनेंगे, जिससे आसपास के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। जमीन के नीचे से सुरंग बनेगा। इसके कारण गांव के किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा सुरंग खोदते समय विस्फोटक वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। ऑस्ट्रेलियन प्रणाली से पूरा काम होगा। जमीन के उपर केवल स्टेशन ब्रिज बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि विजन 2020 के लक्ष्य को सामने रखकर बैठक ऐतिहासिक रही। 44.9 किलो मीटर लंबे सुरंग के अंतर्गत आने वाले 168 बस्ती के लोगों को काफी फायदा मिलेगा।



 

वही रेलवे अधिकारी ए प्रकाश ने आगे बताया कि सेवक से रम्फू तक रेलवे लाइन बिछाकर रेलवे की आवाजाही शुरू होगी। उसके बाद सिक्किम के नाथुला मार्ग तक रेलवे लाइन बिछाया जाएगा। इस प्रक्रिया को होने में करीब दो साल लगेंगे। हिमाली क्षेत्र में मणिपुर व मिजोरम में आस्ट्रेलियन की प्रणाली सफल हुई थी। उन्होंने कहा कि समझौता भारतीय रेलवे, जीटीए व सिक्किम के लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन है। गौरतलब है कि एनडीए के शासनकाल में तात्कालीन केंद्र रेल मंत्री ममता बनर्जी ने सिक्किम में रेल मार्ग पहुंचाने की स्वीकृति दी थी। जिसके बाद 2009 से रेलवे लाइन बिछाने का काम शुरू होना था।