कांग्रेस के उड़े होश, भाजपा ने जबरदस्त विरोध के बाद भी इस पार्टी को मनाया, अब साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव

Daily news network Posted: 2019-03-14 11:02:34 IST Updated: 2019-03-14 11:02:34 IST
कांग्रेस के उड़े होश, भाजपा ने जबरदस्त विरोध के बाद भी इस पार्टी को मनाया, अब साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव

भाजपा ने पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की 25 में से 22 लोकसभा सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ असम गण परिषद (अगप) समेत पांच क्षेत्रीय दलों व मोर्चो के साथ गठबंधन करने का एलान किया। यह करार भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (नेडा) के बीच हुआ है। नागरिकता बिल के विरोध में अगप जनवरी में भाजपा सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।



 

पूर्वोत्तर के प्रभारी भाजपा महासचिव राम माधव ने इस गठबंधन के लिए मंगलवार आधी रात के बाद तक गुवाहाटी में क्षेत्रीय दलों के साथ बैठकें कीं, जिसमें सहमति बन गई। इसके बाद फेसबुक पोस्ट में राम माधव ने लिखा कि इस गठबंधन की 25 में से कम से कम 22 लोस सीटें जीतने की क्षमता है। यह फिर एक बार नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। राम माधव ने त्रिपुरा के सीएम विप्लव कुमार देव व आईपीएफटी के नेताओं के साथ अगरतला में बैठकें कीं। वह मंगलवार को नगालैंड के सीएम निफियो रिओ, असम के सीएम सर्वानंद सोनोवाल, मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा, मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह, अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू व नेडा के संयोजक हिमंत बिस्वा सरमा से मिले थे।



नेडा में ये दल हैं शामिल

असम गण परिषद, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, इंडीजिनयस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, नेशनल पीपुल्स पार्टी, नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा।

 



अगप प्रमुख अतुल बोरा से चर्चा के बाद सहमति

असम गण परिषद पहले भी राजग या एनडीए की सहयोगी रह चुकी है। मंगलवार को अगप प्रमुख अतुल बोरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राम माधव से मुलाकात की और फिर पुराने सहयोगी एक हो गए। राम माधव ने बताया कि भाजपा, एनपीपी, एजीपी व बीपीएफ असम, नगालैंड, मेघालय, मणिपुर व अरुणाचल में मिलकर चुनाव लड़ेंगे, जबकि त्रिपुरा में भाजपा आईपीएफटी के साथ चुनाव लड़ेगी। सिक्किम में भाजपा का गठबंधन मुख्य विपक्षी दल सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के साथ होगा। गठबंधन के बाद अगप अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा कि कांग्रेस को परास्त करने के लिए पुराने सहयोगी फिर एक हुए हैं। अगप ने जनवरी में नागरिकता विधेयक के विरोध में असम की भाजपा सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। 2016 के विस चुनाव में भी अगप, भाजपा व बीपीएफ के बीच गठबंधन था और तीनों ने मिलकर 2001 से लगातार सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंका था।