इंटरनेट वाले बयान पर फजीहत के बाद बिप्लब देब ने खोजे प्राचीन युग के पत्रकार

Daily news network Posted: 2018-04-20 16:55:54 IST Updated: 2018-04-20 17:45:04 IST
  • महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा करने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब एक नए बयान को लेकर चर्चा में हैं।

अगरतला।

महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा करने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब एक नए बयान को लेकर चर्चा में हैं। इसमें उन्होंने पत्रकारों की तुलना प्राचीन काल के पंडितों से की है।  उदयपुर प्रेस क्लब में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने कहा, 1947 के दौरान, जिसके बाद भारत आजाद हुआ था, मीडिया वल्र्ड शुरु नहीं हुआ था बल्कि मीडिया हजारों साल पहले से मौजूद है। प्राचीन समय में प्रत्येक राजा के पास पंडित होता था। वह कौन था? वह पत्रकार था। हो सकता है उस वक्त उसे किसी अन्य नाम से पुकारा जाता हो। पंडित का काम होता था राजा को हरेक जानकारी देना और बताना कि बाहर क्या चल रहा है। वे राजा को सलाह देते थे और फैसला लेने में उनकी मदद करते थे।

 

 

 


मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने अपने भाषण में राजयुग के ब्राह्मणों और पंडितों की जमकर तारीफ की। कार्यक्रम का आयोजन उदयपुर प्रेस क्लब ने स्टेट आईसीए डिपार्टमेंट के सहयोग से किया था। यह कार्यक्रम हाल ही में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब, मंत्री व उदयपुर से कई बार विधायक प्राणजीत सिंघा रॉय व अन्य भाजपा विधायकों व मंत्रियों के सम्मान में रखा गया था। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री बिप्लब देब भी उदयपुर से हैं और वह दुनिया भर के लाखों लोगों की तरह त्रिपुरेश्वरी देवी के बड़े भक्त हैं।

 

 

 

गौरतलब है कि हाल ही में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश में महाभारत युग में भी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध थीं, जिनमें इंटरनेट और सैटेलाइट भी शामिल थे। उन्होंने कहा था कि महाभारत के दौरान संजय ने बैठकर धृतराष्ट्र को बताया था कि युद्ध में क्या हो रहा है। संजय आंख से कैसे देख सकते हैं। इसका मतलब है कि उस समय भी तकनीक, इंटरनेट और सैटेलाइट था।



 

देब ने कहा था कि लाखों साल पहले भारत में इंटरनेट और उपग्रह प्रणाली अस्तित्व में थी। हमारे देश की सबसे धनी संस्कृति के लिए है मुझे गर्व है। आज भी इंटरनेट और सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी में, हम आगे हैं। माइक्रोसॉफ्ट देखें, यह एक अमेरिकी कंपनी हो सकती है, लेकिन इसके अधिकांश इंजीनियर हमारे देश से हैं।



 

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा था कि महाभारत के युग के समय भारत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सबसे ऊपर था, लेकिन बीच में किसी तरह, यह खो गया। मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन आज फिर से भारत दुनिया में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी स्थिति हासिल कर चुका है और यह तथ्य से साबित हो सकता है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमेरिकी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देब ने आगे कहा था कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के नागरिकों के लिए इसे सुलभ बनाने के लिए डिजिटलीकरण जैसा बड़ा कदम उठाया है। प्रधान मंत्री स्वयं सोशल नेटवर्किंग साइटों पर सक्रिय हैं और सांसदों और यहां तक कि मुख्यमंत्रियों को भी सोशल मीडिया पर मौजूद रहने को कहा है।