कानूनी कार्रवाई की धमकी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पत्रिका ने मांगी माफी

Daily news network Posted: 2018-04-10 14:53:08 IST Updated: 2018-06-24 17:20:18 IST
कानूनी कार्रवाई की धमकी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पत्रिका ने मांगी माफी
  • विपक्ष के नेता के टीआर जेलियांग की ओर से कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के तीन दिन बाद ही स्वराज पत्रिका ने रविवार को अपनी वेबसाइट पर उनसे माफी मांग ली है।

दीमापुर।

विपक्ष के नेता के टीआर जेलियांग की ओर से कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के तीन दिन बाद ही स्वराज पत्रिका ने रविवार को अपनी वेबसाइट पर उनसे माफी मांग ली है।


 बता दें कि जेलियांग की ओर से, प्रेस सचिव ने 8 अप्रैल को शाम 6 बजे तक स्वराज पत्रिका से एक समाचार को लेकर स्पष्टीकरण और माफी की मांग की थी।


 गौर हो कि स्वराज पत्रिका ने 2 अप्रैल को एक लेख छापा था जिसमें नागा उग्रवादियों के लिए टैक्स संग्रहण और आतंक वित्त पोषण मामले में नौकरशाहों, राजनीतिज्ञों और चर्च के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री जेलियांग की भी भूमिका होने की बात कही गई थी।

 


 पत्रिका के एसोसिएट एडिटर जयदीप मजूमदार ने लेख में एनआईए ऑफिसर का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जेलियांग एनएससीएन(के) की ओर से व्यक्तिगत रूप से टैक्स संग्रहण में शामिल हैं। इस लेख के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया था। यह मुद्दा विधानसभा में भी उठा था।

 


 बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जेलियांग को कथित 'टैक्स संग्रहण और आतंक वित्त पोषण' मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा था। यह मामला 14 सरकारी विभागों से एनएससीएन (के), एनएससीएन (आईएम) और नागा नेशनल कौंसिल द्वारा कथित अवैध धन उगाही से जुड़ा हुआ है।


 जेलियांग को संबंधित दस्तावेजों के साथ यहां एजेंसी के मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। राज्य में हाल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले एनआईए ने कथित आतंक वित्तपोषण मामले में जेलियांग के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) और दो अन्य कार्यालय कर्मचारी को समन भेजा था।

 


 एनआईए ने 18 जनवरी को 2017 को नागालैंड के कई सरकारी विभागों में छापे मारे थे और 2 करोड़ के भुगतान से संबंधित रसीद जब्त की थी। इन विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय, भूमि और जल संरक्षण निदेशालय, सिंचाई निदेशालय, ग्रामीण विकास निदेशालय, शहरी विकास, सड़क एवं इमारत निदेशालय, लोक निर्माण विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय शामिल हैं।


 एनआईए के अनुसार, '31 जुलाई 2016 को एनएससीएन (के) के वरिष्ठ नेता एस. खेतोशे सुमी को गिरफ्तार किया गया था।' सुमी ने कथित रूप से यह खुलासा किया था कि वह संगठन में 'वित्त विभाग का प्रमुख' था और उसकी मुख्य जिम्मेदारी कई सरकारी विभागों से अवैध कराधान के माध्यम से धन एकत्रित करना था।


 लेख छपने के बाद 4 अप्रैल को मोरंग एक्सप्रेस ने खबर छापी की पत्रिका के पास ऐसी को जानकारी नहीं कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं। खबर में यह दावा किया गया कि अधिकारियों ने पत्रिका को ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है। उक्त लेख में ऐसे सभी दावे गलत हैं।


 इसके बाद 5 अप्रैल को विपक्ष के नेता ने प्रेस सचिव के समक्ष आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान को सीधे चुनौती है। इसलिए पत्रिका को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांगनी चाहिए। नहीं तो वे कानूनी सहारा लेंगे। इसके बाद स्वराज पत्रिका ने 8 अप्रैल को माफी मांग ली।