NRC में फर्जी लिगेसी डाटा का इस्तेमाल करने वाला गिरफ्तार

Daily news network Posted: 2018-04-21 15:21:29 IST Updated: 2018-04-21 15:51:44 IST
NRC में फर्जी लिगेसी डाटा का इस्तेमाल करने वाला गिरफ्तार
  • उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत असम में चल रहे एनआरसी के अपडेशन की प्रक्रिया का दूसरा चरण चल रहा है।

गुवाहाटी।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश के तहत असम में चल रहे एनआरसी के अपडेशन की प्रक्रिया का दूसरा चरण चल रहा है। इस कड़ी में काफी संख्या में अवैध लोग भारतीय नागरिक बनने के लिए कर्इ तरह के हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन एनआरसी अपडेशन को इतना फुलप्रूफ बनाया गया है कि फर्जीवाड़ा करने वाले पकड़ में आ ही जाते हैं।

 

 

 


हालांकि आधिकांश विदेशी नागरिकों ने एनआरसी में अपने नाम को शामिल करने के लिए फर्जी कागजात को दाखिल किया था, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि वे पकड़े जा सकते हैं उन्होंने अपना ठिकाना ही बदल लिया। इस कड़ी में पुलिस ने गुरूवार को एनआरसी में फर्जी लिंगेसी डाटा शामिल करने वाले एक डी-वोटर काे गिरफ्तार किया है।

 


 गिरफ्तार नागरिक पहचान कुद्दूस अली के रूप में की गर्इ है। जानकारी के मुताबिक बरपेटा जिले के उत्तर साफाकामार निवासी कुद्दूस अली ने अपना व अपने बेटे के नाम के साथ फर्जी लिंगेसी डाटा का इस्तेमाल किया था, लेकिन जांच के दौरान इसका पता चल गया। बता दें कि कुद्दूस ने अमीर हुसैन नाम के एक व्यक्ति का लिंगेसी डाटा काे अपने कागजात के साथ लगाकर जमा कर दिया था।

 

 

कुद्दूस ने अमीर को अपना पिता बताया था। वंशावली की जांच के लिए अमीर अली को एनआरसी केंद्र पर पूछताछ के लिए बुलाया गया तो इस फर्जीवाड़े का पता चल गया। पूछताछ के दौरान अमीर ने बताया  कि एनके परिवार में कुल 13 सदस्य हैं आैर कुद्दूस अली उनके परिवार का सदस्य नहीं है। गौरतलब है कि कुद्दूस अली ने 1965  के कागजात पेश किए थे, लेकिन उसमें कुददुस अली के नाम का कोर्इ जिक्र नहीं था। इसके बाद एनआरसी अधिकारियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

 

 

 

जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कुद्दूस को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया है कि वह डी वोटर है। उसके पास भारतीय होने का कोर्इ वैलिड दस्तावेज नहीं है। इतना ही नहीं वोटर कार्ड में अली का फोटो भी उससे मेल नहीं कर रहा है। इस मामले की जांच सरभोग थाने की पुलिस कर रही है।