असम पंचायत चुनाव में हुआ 65.5 फीसदी मतदान, पुलिस की गोलीबारी 1 की मौत

Daily news network Posted: 2018-12-06 08:40:26 IST Updated: 2018-12-07 08:23:22 IST
असम पंचायत चुनाव में हुआ 65.5 फीसदी मतदान, पुलिस की गोलीबारी 1 की मौत

असम में पंचायत चुनाव के पहले चरण में करीब 65 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि मतदान के दौरान कई स्थानों पर मतदाताओं ने मतपत्र एवं मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायत की और प्रशासन ने करीब 20 मतदान केंद्रों पर फिर से चुनाव के आदेश दिए हैं।




पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर मानसिक रूप से अस्थिर एक व्यक्ति की मौत पुलिस की गोलीबारी में हो गई। यह घटना तब हुई जब इस व्यक्ति ने गोलाघाट के एक मतदान केंद्र पर सुरक्षा कर्मियों पर धारदार हथियार से कथित तौर पर हमला कर दिया था। असम राज्य चुनाव आयुक्त (एएसईसी) एच एन बोरा ने कहा, शाम के तीन बजे तक (मतदान खत्म होने तक) हमने 65.5 फीसदी मतदान दर्ज किया। लेकिन यह आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि कई बूथों पर लंबी कतारें लगी हुई थी। कुछ जिलों का कहना है कि मतदान 10 बजे तक भी जारी रह सकता है।




आयुक्त का कहना है कि मतदान प्रतिशत में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य में 2013 में हुए पंचायत चुनाव में 76.76 फीसदी मतदान हुआ था। बोरा ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया, कुछ स्थानों पर फिर से चुनाव होंगे। हमें मतपत्रों में समस्याओं (उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न में गड़बड़ियों) की रिपोर्ट मिली है। कुछ बूथों पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम ही मतदाता सूची में नहीं थे। हमने दोबारा चुनाव के लिए सात दिसंबर की तारीख तय की है और यह चुनाव 20 बूथों पर कराए जाएंगे। हालांकि इस संबंध में अभी तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन आयोग ने बिश्वनाथ, लखीमपुर और शिवसागर जिलों के कुछ बूथों पर दोबारा चुनाव कराने का निर्णय लिया है। 





बोरा ने बताया कि कई स्थानों पर आंशिक रूप से अप्रिय घटनाओं की खबर आई है, जिसमें लोग कागज की कथित तौर पर खराब गु‍णवत्ता होने को लेकर नौगांव जिले के हाथीपारा में कुछ मतपत्र जला रहे थे। जोरहाट जिले के तिताबोर में मतपत्रों से उम्मीदवारों के नाम भी गायब थे। राज्य निर्वाचन अधिकारी एच एन बोरा ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को जारी रखने के लिए नए मतपत्र प्रिंट कर गड़बड़ियों को स्थानीय रूप से दुरुस्त करने की कोशिश की गई। बोरा ने इन गड़बड़ियों के लिए “लापरवाह मुद्रण” को जिम्मेदार ठहराया। 





दुलियाजन, जालुकबारी, प्रागज्योतिषपुरा और गुवाहाटी के पास अमसिंग, बिश्वनाथ जिले के गोहपुर इलाके के तातुनबारी में मतदाता सूची से नाम गायब होने पर भी लोगों ने निराशा जताई। बोरा ने कहा कि यह जिम्मेदारी मतदाताओं की है कि वे चुनाव से पहले देख लें कि उनके नाम मतदाता सूची में हैं या नहीं।उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए मतदाताओं के नाम 2016 विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची से लिए गए थे। साथ ही 2017 तक अद्यतन की गई एक पूरक सूची जोड़ी गई। सूत्रों ने बताया कि पंचायती राज की तीन श्रेणियों - जिला परिषद, आंचलिक पंचायत और गांव पंचायत में 15,899 पदों के लिए दावेदारी पेश कर रहे 43,515 उम्मीदवारों की किस्मत के फैसले के लिए पहले चरण के चुनाव 16 जिलों में हुए थे।दूसरे चरण का मतदान नौ दिसंबर को है और मतों की गिनती 12 दिसंबर को की जाएगी।