NRC: 6 साल की बच्ची को घोषित कर दिया विदेशी, हैरान हुई मां ने कहा ये

Daily news network Posted: 2019-08-06 12:37:57 IST Updated: 2019-08-06 12:43:29 IST
NRC: 6 साल की बच्ची को घोषित कर दिया विदेशी, हैरान हुई मां ने कहा ये
  • दरंग जिले के खारुपेटिया थानंतर्गत एनसी खेताचार गांव की कुलसुम बेगम ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि मेरे दादाजी सरकारी गांवबूढ़ा थे।

मंगलदै

दरंग जिले के खारुपेटिया थानंतर्गत एनसी खेताचार गांव की कुलसुम बेगम ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि मेरे दादाजी सरकारी गांवबूढ़ा थे। उन्होंने देश की स्वाधीनता के साथ ही करीब 40 वर्ष तक गांवबूढ़ा के रूप में अपनी सेवा प्रदान की। मेरे दादाजी के पास 1951-1966 और उससे पहले के भी वैध कागजात हैं। मेरे पिताजी का नाम एनआरसी ड्राफ्ट में है लेकिन मुझे विदेशी बना दिया गया। इसके साथ ही मेरी छह वर्ष की बेटी सानिया मिर्जा को भी विदेशी बना दिया गया।

 

 


 

6 साल की बेटी को घोषित किया विदेशी

इसके साथ ही कुलसुम ने कहा कि एनआरसी में जरूरत के सभी वैध कागजात देने के पश्चात भी उसका नाम बिना किसी कारण से काट दिया गया और तो और, बिना किसी मामले और बिना किसी नोटिस के उसे विदेशी बना दिया। इस अवसर पर कुलसुम के पति तारा मियां ने भी अपने पूरे परिवार के जरूरी कागजात और एनआरसी में जमा किए गए कागजातों को एक-एक कर दिखाते हुए कहा कि इतना कुछ कागजात होने के बावजूद मेरी बेटी विदेशी कैसे हो गई। इधर कुलसुम के पिता और सानिया मिर्जा के नाना कुद्दुस अली ने बताया कि उसके पिता अब्दुल रहमान सरकारी गांवबूढ़ा थे। उनके हस्ताक्षर से जारी किए कई कागजातों को आधार बना कर सैकड़ों लोगों के नाम एनआरसी ड्राफ्ट में शामिल हो गए हैं, लेकिन उसके परिवार के ही एक सदस्य का नाम आज भी एनआरसी ड्राफ्ट में नहीं आ सका। इसके विपरीत एनआरसी द्वारा प्राप्त नोटिस में उसकी बेटी कुलसुम और बेटी की बेटी सोनिया मिर्जा को विदेशी घोषित कर दिया।

 

 


कई लोग कर चुके हैं आत्महत्या

 

अंत में उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। उल्लेखनीय है कि एनआरसी ड्राफ्ट में नाम नहीं आने और एनआरसी अधिकारियों द्वारा विदेशी घोषित होने के मानसिक उत्पीड़न के कारण अब तक इस अंचल में कई लोगों ने आत्महत्या कर ली, जिसमें अधिवक्ता और अवकाशप्राप्त शिक्षक भी हैं। इसके बावजूद एनआरसी और सीमांत पुलिस के अधिकारी अभी भी संवेदनशील नहीं हैं और बिना पूरी तरह जांच किए विदेशी घोषित करने की प्रतियोगिता में लगे हुए हैं।