त्रिपुराः रैली निकालने पर कांग्रेस के 350 सदस्य गिरफ्तार, फिर हुआ ऐसा

Daily news network Posted: 2018-05-17 21:24:08 IST Updated: 2018-05-17 21:24:08 IST
त्रिपुराः रैली निकालने पर कांग्रेस के 350 सदस्य गिरफ्तार, फिर हुआ ऐसा
  • पश्चिम त्रिपुरा जिले के पुलिस प्रमुख अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बिना मंजूरी के विरोध रैली आयोजित करने के लिए गिरफ्तार किया गया।

पश्चिम त्रिपुरा जिले के पुलिस प्रमुख अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बिना मंजूरी के विरोध रैली आयोजित करने के लिए गिरफ्तार किया गया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

 


 त्रिपुरा कांग्रेस उपाध्यक्ष तपस देव ने मीडिया को बताया, 'हमने पहले अगरतला में जन आक्रोश रैली आयोजित करने के लिए पुलिस से मंजूरी मांगी थी लेकिन पुलिस ने मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद हमने रैली निकालने का प्रयास किया।'

 


 

 त्रिपुरा में कांग्रेस अध्यक्ष बिराजीत सिंह और पूर्व विधायक गोपाल रॉय के साथ गिरफ्तार हुए देव ने कहा कि बिना कानूनी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किए राज्य की भाजपा सरकार ने त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस और उसके संगठनों के 15 से ज्यादा कार्यालयों पर एकतरफा बुलडोजर चलाया है।


 

 उन्होंने कहा, 'इनमें से कुछ कांग्रेस कार्यालय 70 साल से भी पुराने हैं और उनके पास वैध आधिकारिक दस्तावेज हैं। यहां तक कि पश्चिम त्रिपुरा के जिला अधिकारी और कलेक्टर तोड़फोड़ के खिलाफ स्थानीय अदालतों के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं।'


 

 कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार बिना कोई नोटिस दिए अनैतिक रूप से कुछ पार्टी कार्यालयों पर बुलडोजर चला चुकी है।


 मुख्य विपक्षी दल माकपा भी त्रिपुरा में उसके कई कार्यालयों को ढहाने के लिए जोरदार विरोध दर्ज करा चुकी है।

 


 वहीं भाजपा ने माकपा और कांग्रेस के आरोपों से सिरे से नकारते हुए कहा कि यह राजनीतिक कार्यालय अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाए गए थे।


अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने पिछले दो हफ्तों में कांग्रेस, माकपा व भाजपा से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के कुछ कार्यालयों को गिराया है क्योंकि यह सभी सरकारी जमीन पर बने हुए थे।