एक अफवाह ने ली दो युवकों की जान, पुलिस ने अब तक 23 लोगों को किया गिरफ्तार

Daily news network Posted: 2018-06-12 09:31:13 IST Updated: 2018-06-12 09:31:45 IST
एक अफवाह ने ली दो युवकों की जान, पुलिस ने अब तक 23 लोगों को किया गिरफ्तार

गुवाहाटी।

असम के कर्बी आंगलांग जिले में बच्चा चोर के संदेह में दो लोगों की पीट- पीटकर हत्या किए जाने के सिलसिले में चार और लोगों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने अब तक कुल 23 लोगों को हिरासत में लिया है। इस घटना को लेकर लोगों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। पुलिस ने कहा कि इसके अलावा, राज्य के विभिन्न जिलों में सोशल मीडिया पर कथित रूप से नफरत भरे पोस्ट डालने तथा अफवाहें फैलाने के लिए 22 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।



 

 

कर्बी आंगलांग के पुलिस अधीक्षक वी शिव प्रसाद गंजला ने कहा कि हमने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या बढ़कर 23 हो गई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) मुकेश अग्रवाल मौके पर स्थिति पर तथा सुरक्षा बलों द्वारा खोजी अभियान पर नजर रखे हुए हैं। बता दें कि 30 वर्षीय अभिजीत अपने म्यूजिशन दोस्त नीलोत्पल दास (29 साल) के साथ असम के कारबी आंगलांग जिले में घूमने गया था। दोनों यहां के कंगथिलंग्सो झरने में कुछ खूबसूरत मछलियों की तलाश करने पहुंचे थे, लेकिन दोनों को स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ ने अपहरणकर्ता समझकर घेर लिया। पंजुरी कचारी गांव में बांस के डंडों से करीब 200 लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर दोनों की जान ले ली। 

 

 


अभिजीत की बहन नम्रता सहारिया दास के मुताबिक, उसने अपनी गर्लफ्रेंड को शुक्रवार शाम करीब 6 बजे फोन किया और कहा था कि वह जल्दी ही घर लौट आएगा। इसके आधे घंटे बाद से ही उसका फोन अनरीचेबल आने लगा। लगभग 8 बजे उसकी गर्लफ्रेंड की कॉल का जवाब कथित हमलावरों में से एक ने दिया। उसने फोन उठाकर कहा, 'हमने उसे मार दिया। तुम कल अखबारों में देख लेना।' थोड़ी देर बाद गर्लफ्रेंड को आंगलांग पुलिस की ओर से फोन आया, जिसपर उसे अभिजीत की मौत की सूचना मिली। उसके क्षत-विक्षत शव को देर रात गुवाहाटी उसके घर लाया गया। नम्रता ने कहा, 'अभिजीत किसी से ज्यादा बात नहीं करता था और सीधा था। उसे जानवर पसंद थे और वह खाने-पीने का शौकीन भी था। वह बच्चे का अपहरणकर्ता कैसे हो सकता है?' अभिजीत के माता-पिता, अजीत और शशिप्रवा नाथ, अपने एकमात्र बच्चे की हत्या से टूट चुके हैं।  नम्रता ने कहा, 'उन लोगों ने अभिजीत का चेहरा इतना खराब कर दिया था कि हम बहुत मुश्किल से उसे पहचान सके।' 

 

 




अभिजीत और नीलोत्पल दोनों दोस्त स्कॉर्पियो कार यहां घूमने आए थे। इससे पहले उन्होंने कारबी आंगलांग के रास्ते पर कुछ लोगों से एक स्थान का पता भी पूछा था। इसी दौरान कुछ लोगों को शक हुआ कि कार सवार दोनों युवक बच्चों का अपहरण करने वाले किसी गिरोह के सदस्य हैं, जिसके बाद इन लोगों ने आसपास के इलाके के तमाम लोगों को भी नीलोत्पल की कार की जानकारी दे दी। इस पूरे घटनाक्रम के कुछ घंटों बाद घर लौट रहे नीलोत्पल को कुछ ग्रामीणों ने एक स्थान पर रोक लिया। इसके बाद गांववालों ने नीलोत्पल और अभिजीत को कार से निकाल कर इनकी पिटाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि यहां फेसबुक पर एक पोस्ट चल रही थी जिसमें लिखा था कि काली गाड़ी में अपहरणकर्ता इलाके से बच्चों को लेकर जा रहे हैं। पता पूछने पर लोगों को अभिजीत और उनके साथी पर शक हुआ और काली गाड़ी होने की वजह से स्थानीय लोगों ने उन्हें अपहरणकर्ता समझा।