दो कुख्यात शिकारियों को पकड़ने के लिए बिछाया गया ऐसा जाल, हथियार भी हुए बरामद

Daily news network Posted: 2019-06-16 10:20:53 IST Updated: 2019-06-16 10:20:53 IST
दो कुख्यात शिकारियों को पकड़ने के लिए बिछाया गया ऐसा जाल, हथियार भी हुए बरामद

असम में क्राइम इन्वेस्टीगेशन टीम और जिंजिया पुलिस चौकी के संयुक्त अभियान चलाकर दो कुख्यात गैंडे के शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी जंगलों के पास से गुजरती राष्ट्रीय राजमार्ग 15 स्थित क्रिस्टल मेज बाघामारी गांव से हुई है। वन्य विभाग का कहना है कि मोहम्मद हबित अली और मोहम्मद अब्दुल सोहित कुख्यात शिकारी हैं। इन दोनों की काफी लंबे समय से तलाश थी। 


 


गोपनीय सूचना के आधार पर विश्वनाथ जिले के जिंजिया पुलिस के सहयोग से दोनों शिकारियों को उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब दोनों गैंडे की शिकार में मौके की ताक में थे। दोनों दुर्दांत शिकारियों के पास से पॉइंट 303 के 2 राइफल्स के साथ, जंगल का रेकी किया हुआ नक्शा, दूरबीन, मोटरसाइकिल और एक मोबाईल फोन भी बरामद किया गया हैं। फॉरेस्ट विभाग के अनुसार ये दोनों शिकारी स्थानीय हैं और इस गैंग से जुड़े एक अन्य शिकारी हनीफ अली को भी इस वर्ष जनवरी में पकड़ा गया था। विश्वनाथ जिले के वन्य विभाग के 2 टीमों के इस ऑपरेशन को क्राइम इन्वेस्टीगेशन रेंज के रेंजर प्रांजल बरुआ, विश्वनाथ चारअली के डीएसपी मुस्सबर रहमान और जिंजिया पुलिस थाना प्रभारी बिस्वजीत मेधी ने अंजाम दिया था। 




गिरफ्त में आए दोनों मोस्ट वांटेड शिकारियों के खिलाफ विश्वनाथ जिले जिंजिया पुलिस चौकी में केस दर्ज कर लिया गया हैं। वन्य विभाग के इस कामयाबी को असम के वन्य मंत्री परिमल शुक्ल बैद्य ने सराहते हुए कहा कि असम में गैंडे और दूसरे जीव-जंतुओं के अवैध शिकार पर पूरी तरह से लगाम कसने के लिए जनता को आगे आकर सहयोग करना पड़ेगा, तभी वन्य जीव सुरक्षित रह पाएंगे।


 


बता दें कि पूरी दुनिया में केवल असम में ही विश्व प्रसिद्ध एक सींग के गैंडे पाए जाते हैं और असम के 5 राष्ट्रीय उद्यान- काजीरंगा, मानस, डिब्रुसेखोवा, नामेरी और ओरांग नेशनल पार्क के अलावा 18 वन्य जीव अभ्यारण्यों में आये दिन शिकारी और फॉरेस्ट गार्ड्स के बीच मुठभेड़ की खबरें आती रहती हैं। राहत की बात यह है कि असम में 2016 में आई सर्बानन्द सोनोवाल सरकार ने लगातार हो रहे अवैध शिकार को गंभीरता से लेते हुए वन्य विभाग को अत्याधुनिक हथियारों से लैस और वन्य सुरक्षा बल की ताकत को बढ़ाने का काम किया।