'मेघालय में सीमावर्ती इलाकों में घेराबंदी के कारण 100 परिवार हुए विदेशी'

Daily news network Posted: 2018-04-07 18:04:30 IST Updated: 2018-06-06 20:03:18 IST
'मेघालय में सीमावर्ती इलाकों में घेराबंदी के कारण 100 परिवार हुए विदेशी'
  • मेघालय के सीमावर्ती इलाकों में बाड़ के निर्माण के कारण दक्षिण गारो हिल्स में कम से कम 100 परिवारों को विस्थापित कर दिया है। इस वजह से उन्हें बाड़ के दूसरी तरफ रहने के लिए मजबूर कर दिया है।

मेघालय के सीमावर्ती इलाकों में बाड़ के निर्माण के कारण दक्षिण गारो हिल्स में कम से कम 100 परिवारों को विस्थापित कर दिया है। इस वजह से उन्हें बाड़ के दूसरी तरफ रहने के लिए मजबूर कर दिया है। इसकी जानकारी एनपीपी विधायक ने गुरुवार को विधानसभा को दी।


 रांगारा सिजू निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रककम ए संगमा ने मांग की कि निर्माण कार्य शून्य लाइन से 150 गज की दूरी तक सीमित होना चाहिए। साथ उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाने की अपील की।

 



उन्होंने कहा मेघालय बांग्लादेश के साथ 443 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। मामले को लेकर उन्होंने कहा, इन परिवारों को स्वास्थ्य, बिजली और अन्य सुविधाओं के लिए राज्य से कोई समर्थन नहीं मिलता है।


 उन्होंने कहा कि बाड़ लगाने के लिए सीमा से 150 गज की दूरी तय की जानी चाहिए। लेकिन इस मामले में बाड़ सीमा से 200-300 मीटर की दूरी तक फैली हुई है। कुछ स्थानों पर, यह भी शून्य लाइन से आधा किलोमीटर तक चला गया।


 इसके साथ ही विधायक ने यह भी कहा कि दक्षिण गारो हिल्स जिले को विकास की आवश्यकता है, जो वर्तमान में, सड़क संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। यहां खराब सड़क के कारण, उन्होंने अपनी पत्नी को खो दिया। क्योंकि उन्हें अपनी पत्नी को लगभग 100 किलोमीटर दूर तुरा के एक अस्पताल ले जाने में घंटों का समय लग गया था। जिसके कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई थी।


 वहीं शिक्षा को लेकर आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जिले के कुछ विद्यालय में केवल एक शिक्षक ही हैं। यहां कई विद्यालय हैं जहां छत नहीं है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को स्थिति का पता लगाने के लिए आग्रह किया।


 स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में बात करते हुए, विधायक ने कहा कि जिला अस्पताल को छह साल पहले सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया था, लेकिन कोई भी जिला चिकित्सा अधिकारी या विशेषज्ञ वहां तैनात नहीं हैं।