राज्यों से सलाह लेकर पारित हुआ बांध सुरक्षा विधेयक

Daily news network Posted: 2019-08-03 16:58:33 IST Updated: 2019-08-03 18:24:45 IST
राज्यों से सलाह लेकर पारित हुआ बांध सुरक्षा विधेयक
  • सभा ने देश में सभी बांधों की सुरक्षा के लिए दो स्तरीय व्यवस्था के प्रावधानों वाले 'बांध सुरक्षा विधेयक-2019' को शुक्रवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

सभा ने देश में सभी बांधों की सुरक्षा के लिए दो स्तरीय व्यवस्था के प्रावधानों वाले 'बांध सुरक्षा विधेयक-2019' को शुक्रवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया। जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विधेयक पर करीब साढे चार घंटे चली बहस का जवाब देते हुए सदस्यों को आश्वस्त किया कि सरकार का राज्यों के अधिकार में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है और वह विधेयक को महज देश में बांधों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय व्यवस्था करने के मकसद से लायी है। 

 

 

 

केंद्रीय और राज्य स्तर पर बांध की सुरक्षा

 

इस विधेयक में बांधों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय और राज्य स्तर पर दो सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। इसमें राष्ट्रीय बांध सुरक्षा समिति, राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण राज्य बांध सुरक्षा समिति और राज्य बांध सुरक्षा प्राधिकरण बनाया जाएगा। 

 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समिति एक थिंक टैंक के रूप में काम करेगी और वह प्राधिकरण को बांधों की सुरक्षा से संबंधित सिफारिशें देगी। उन्होंने कहा कि राज्य समितियों में केंद्रीय जल आयोग के प्रतिनिधि रहेंगे जिनमें निदेशक स्तर का अधिकारी होगा लेकिन यह अधिकारी राज्यों की समितियों के मामले में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा बल्कि विशेषज्ञ के तौर पर सिर्फ सुझाव देगा। 

 

 

राज्यों से सलाह लेकर पारित किया गया विधेयक

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा इस विधेयक को व्यापक चर्चा के बाद लाया गया है। पहले इसे 2016 में राज्यों को उनकी राय जानने के लिए भेजा गया और कई राज्यों ने अपनी सलाह भी दी है। इस संबंध में पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर की बैठकें भी आयोजित की गयी जिसमें सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए और विधेयक की प्रशंसा की। इससे पहले विधेयक को संसद की स्थायी समिति को भी विचार के लिए भेजा गया था और उसकी लगभग सभी सिफारिशों को विधेयक में शामिल किया गया है।

 

देश में हैं कुल 5745 बांध

देश में कुल 5745 बांध हैं जिनमें 293 सौ साल से भी पुराने हैं। 25 फीसदी की उम्र 50 से 100 साल है और 80 फीसदी 25 वर्ष पुराने हैं। आजादी के बाद से अब तक देश में 40 बांध धराशायी हो चुके हैं। 1979 गुजरात के एक हादसे में अकेले हजारों लोगों की जान गई थी। 

 

बांध सुरक्षा पर बनेगी राष्ट्रीय समिति 

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बिल के तहत बांध सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय समिति का भी गठन किया जाएगा। समिति की अध्यक्षता केंद्रीय जल आयोग के प्रमुख करेंगे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) का भी गठन होगा जिसका प्रमुख अपर सचिव स्तर का अधिकारी होगा जिसे केंद्र सरकार नियुक्त करेगी। एनडीएसए राष्ट्रीय समिति की नीतियों को लागू करेगा। साथ ही यह बांध निर्माण, डिजाइन और मरम्मत करने वाली एजेंसियों को मान्यता भी देगा।

 

 

पूर्वोत्तर राज्यों को होगा फायदा

 

'बांध सुरक्षा विधेयक-2019' के पारित होने से पूर्वोत्तर राज्यों को भी फायदा होगा। इन राज्यों में भी कई महत्वपूर्ण बांध स्थित हैं। जिनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है। 

 

 

पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य बांध

रंगानदी बांध (अरुणाचल प्रदेश), डोयांग बांध (नागालैंड), खुगा बांध (मणिपुर), तुइरियल बांध (मिजोरम), गुमती बांध (त्रिपुरा), उमियम बांध (मेघालय), सुबानसिरी बांध (असम), और रंगीत बांध (सिक्किम)।