मेघालय चुनाव में इस तरह एक दूसरे पर हमला कर रही है बीजेपी और कांग्रेस

Daily news network Posted: 2018-02-15 08:54:10 IST Updated: 2018-02-15 08:54:10 IST
मेघालय चुनाव में इस तरह एक दूसरे पर हमला कर रही है बीजेपी और कांग्रेस

शिलांग।

मेघालय में आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक फेसबुक और ट्वीटर अकाउंट पर यह दावा किया है कि वह राज्य को विकास के मार्ग पर ले गई है और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और अन्य क्षेत्र में उसने काफी काम किया है। इन्हीं उपलब्धियों को गिनाते हुए कांग्रेस ने राज्य के लोगों से फिर से पार्टी को जिताने का आग्रह किया है।

 

 

 


मुख्यमंत्री मुकुल संगमा दो सीटों (अमपाती और सोंगसाक) से चुनाव लड़ रहे हैं और वह लोगों को सोशल मीडिया पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं कि सही विकल्प को चुने और शांति, प्रगति तथा सार्वजनिकभाईचारे की भावना का त्याग नहीं करे। इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी सोशल मीडिया का सहारा लेकर लोगों से मेघालय में बदलाव के लिए मतदान का आग्रह कर रही है। दोनों पार्टियां रोजगार समेत विभिन्न मसलों पर सरकार को घेरने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं।

 

 

 



भाजपा की प्रदेश इकाई ने अपने चुनावी स्लोगन बदलाव का समय से राज्य की जनता से वर्तमान कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आग्रह करते हुए यह आरोप भी लगाया कि मुकुल संगमा सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है। कोनराद संगमा की अगुवाई वाले एनपीपी के ट््वीटर पोस्ट में कहा गया है कि मेघालय के लोगों को यह सच जान लेना चाहिए कि सरकार के वादे तभी वैध हैं जब वे पूरे हो जाएं। पार्टी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ऐसी पार्टी को वोट दें जो शिक्षा के क्षेत्र में वास्तविक बदलाव लाना चाहती है। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने मेघालय में अपने ट्वीटर  हैंडल पर कहा कि एनसीपी की क्रांति के लिए समय, घड़ी को वोट देने का समय।

 

 

 

 


राज्य में 27 फरवरी को होने वाले चुनावों में कांग्रेस ने सभी 60 सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं और भाजपा ने 47 उम्मीदवार मैदान में उतारे है। एनपीपी इन चुनावों में अकेले ही लड़ रही है। इसके अलावा हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक  पार्टी (एचएसपीडीपी), यूनाइेटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) और अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं।