असमिया फिल्म जगत सदमें में, नहीं रहे मुनिन बरुआ

Daily news network Posted: 2018-04-07 15:45:56 IST Updated: 2018-04-09 16:19:26 IST
असमिया फिल्म जगत सदमें में, नहीं रहे मुनिन बरुआ
  • असमिया सिनेमा को एक नया आयाम देने वाले डायरेक्टर मुनिन बरुआ का निधन हो गया जिससे ना सिर्फ सिनेमा जगत को बल्कि पूरे राज्य को गहरा झटका लगा है।

असमिया सिनेमा को एक नया आयाम देने वाले डायरेक्टर मुनिन बरुआ का निधन हो गया, जिससे ना सिर्फ सिनेमा जगत को बल्कि पूरे राज्य को गहरा झटका लगा है। मुनिन बरुआ पिछले काफी दिनों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके बाद शनिवार सुबह 1 बजकर 55 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली।

 


 असम के नवग्रह में आज 3 बजे अंतिम संस्कार होगा। बरुआ की इच्छा के अनुसार, उनके बेटे मनस के साथ जुबिन गर्ग, जतिन बोरा उनका अंतिम संस्कार करेंगे।

 

 



फिल्म जगत में भामोन दा से जाने वाले बरुआ का जन्म 5 नवंबर, 1946 को गोलघाट में हुआ था। उन्होंने अपनी पहली फिल्म 'फगनी' में बतौर सहायक निर्देशक काम किया था, बाद में उन्होंने लोकप्रिय असमिया अभिनेता निपॉन गोस्वामी के साथ मिलकर फिल्म प्रतिमे का निर्देशन किया। फिल्म निर्देशक के रूप में उनकी पहली फिल्म पीटा पुत्र ने बहुत लोकप्रियता हासिल की थी।

 


 मुनिन दवरा निर्देशित फिल्म प्रभाती पोखिर गान, हिया दीया न्या, दाग, नायक, विधाता उनकी कुछ बेहद लोकप्रिय असमिया फिल्में हैं, जिन्होंने असमिया फिल्म जगत को एक नई ऊंचाई दी। यहीं नहीं मुनिन ने मोबाइल थिएटर के लिए कई लोकप्रिय नाटक निर्देशित किए, जिसके बाद उनके कुछ फेमस नाटकों पर फिल्म भी बनाई गई।

 


 साल 2000 भी मुनिन बरुआ के नाम रहा उनकी फिल्म 'हिया दीया निया' ने असमिया सिनेमा में धमाका मचा दिया और  'ब्लॉकबस्टर हिट' के रूप में इतिहास बनाया, जिससे भी असमिया फिल्म उद्योग को पुनर्जीवित करने में मदद मिली। उनकी फिल्म 'दीनबाधु' ने 2005 में असमिया में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मनित किया गया।