असम में खुशी का माहौल, 29 सालों बाद फिल्म निर्माता रिमा दास को मिला बेस्ट फिल्म का अवार्ड

Daily news network Posted: 2018-04-13 16:58:26 IST Updated: 2018-04-13 17:29:42 IST
असम में खुशी का माहौल, 29 सालों बाद फिल्म निर्माता रिमा दास को मिला बेस्ट फिल्म का अवार्ड
  • असम की फिल्म निर्माता रीमा दास को उनकी फिल्म 'ग्राम रॉकस्टार' के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है, जिससे ना सिर्फ राज्य का बल्कि असमिया

असम की फिल्म निर्माता रीमा दास को उनकी फिल्म 'विलेज रॉकस्टार' के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है, जिससे ना सिर्फ राज्य का बल्कि असमिया फिल्म जगत में खुशी का माहौल है। बता दें कि 29 साल बाद किसी असमिया फिल्म ने यह सम्मान जीता है। इससे पहले साल 1987 में जहानु बरुआ के अपनी फिल्म "हलोधिया चोरये बोधन खै" के लिए पुरस्कार जीता था।

 



रिपोर्ट के मुताबिक असम की फिल्म निर्माता रीमा दास द्वारा लिखित, निर्देशित और निर्मित फिल्म 'विलेज रॉकस्टार' ने 65वें राष्ट्रीय पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का अवार्ड जीता है। इसके अलावा 'विलेज रॉकस्टार' को 2017 की सर्वश्रेष्ठ भारतीय फिल्म के लिए बेस्ट फिल्म क्रिटिक्स ऑफ इंडिया अवार्ड, जैक्सन इक्वैलिटी अवार्ड, यंग क्रिटिक्स चॉइस, और ऑक्सफाम बेस्ट फिल्म जैसे कई अवॉर्ड मिले हैं। जज की भूमिका में जाने माने अभिनेता और फीचर फिल्म श्रेणी के जूरी प्रमुख शेखर कपूर के साथ कन्नड़ निर्देशक पी शेषाद्री, पटकथा लेखक इम्तियाज हुसैन, अभिनेता गौतमी तदिमल्ला, गीतकार मेहबूब आदि शामिल थे।


 

एक बच्ची की कहानी है विलेज रॉकस्टार

यह फिल्म एक सुदूर गांव के उन बच्चों की कहानी है जो रॉकस्टार बनने का सपना देखते हैं। आपको बता दें कि कान फिल्म उत्सव के हांगकांग गोज टू कान कार्यक्रम में फिल्मकार रीमा दास की मूवी विलेज रॉकस्टार को दिखाया गया था। यह फिल्म असम के एक छोटे से गांव की कहानी को दिखाता है। फिल्म में रीमा के गांव छाय्गओं की ही एक नन्हीं कलाकार हैं। फिल्म की कहानी एक गरीब, लेकिन एक साहसी लड़की की है जो एक गिटार खरीद कर संगीतकार बनना चाहती है। रीमा दास बताया था कि गांव में अपनी पहली फिल्म की शूटिंग करते समय इस फिल्म का विचार मेरे दिमाग में आया था। मैं इन अद्भुत बच्चों से मिली और तभी से बड़े पर्दे पर इन बच्चों की कहानी दिखाने के लिए उत्साहित हो गई। बता दें कि विलेज रॉकस्टार 10 वर्षीय धुनू की कहानी है, जिसकी देखरेख उसकी विधवा मां करती है। गरीबी में उसका पालन-पोषण करना और बार-बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना, वह एक मजबूत शख्सियत वाली महिला थी। उसकी दृढ़ता समझौता न करने की प्रवृत्ति उसे और अधिक मजबूत बना देती है। 

 



अवार्ड से किया गया सम्मानित

 

 "विलेज रॉकस्टार" के लिए रिमा को बेस्ट एडिटिंग का अवार्ड भी मिला है, इसके साथ ही भनीता दास को सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का अवार्ड मिला, बेस्ट साउंड रिकॉर्डिस्ट का अवार्ड मल्लिका दास के खाते में गया।