प्रकृति के बीच लेना है बोटिंग का मजा तो करिए अरुणाचल के गंगा झील का रुख

Daily news network Posted: 2018-04-20 19:44:01 IST Updated: 2018-05-09 14:22:09 IST
प्रकृति के बीच लेना है बोटिंग का मजा तो करिए अरुणाचल के गंगा झील का रुख
  • अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक बनावट का भी पर्यटन में अहम योगदान है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के हर पहलू से रू-ब-रू होने का मौका मिलता है।

अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक बनावट का भी पर्यटन में अहम योगदान है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के हर पहलू से रू-ब-रू होने का मौका मिलता है।


 भारत के पूर्व में बसे होने के कारण इसे उगते सूरज का प्रदेश भी कहा जाता है। यहां के ज्यादातर भाग पर हिमालय पर्वत श्रृंखला के पहाड़ देखे जा सकते हैं।

 


 यदि बात अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन की हो तो आपको बता दें कि अगर आपको एडवेंचर पसंद है तो फिर अरुणाचल प्रदेश में आपके लिए काफी अवसर हैं।

 


 ईटानगर की गंगा झील अरुणाचल प्रदेश का प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण है। इसे स्थानीय रूप से गेकर सिन्यी या गेकर सेन्यिक के नाम से जाना जाता है। यहां बोटिंग करने का मजा ही कुछ और है। चारो तरफ हरियानी और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ आपका मन मोह लेगी।


 राजधानी शहर से 6 किमी की दूरी पर स्थित इस प्रसिद्ध झील के चारों ओर का घना जंगल मुख्यतः आदिकालीन वनस्पतियों से भरा है। लम्बे पेड़, ऑर्किड और फर्न जैसी प्रजातियाँ इस झील की सुन्दरता और भी बढ़ा देते हैं। यह शांत झील कठोर पत्थरों से भी घिरी है।

 



न्यिशी भाषा में गेकर सिन्यी का अर्थ होता है सीमित जल। पथरीले परिक्षेत्र के कारण यह एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है। नौकायन, तैराकी और प्राकृतिक रूप से टहलने की सुविधाओं के कारण यह पर्यटकों को और भी आकर्षक लगता है। यह शान्त और प्राकृतिक झील हिमालय की तलहटी में स्थित है और सुन्दर हरियाली को समेटे हुये है। यह ताजे पानी की झील के पास अनोखे फर्न के पेड़ स्थित हैं।


 यह झील सभी मौसम में दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करती है। किसी बहते पानी के स्रोत से दूर होने के कारण इसका पानी हमेशा हरा रहता है।


मनमोहक प्राकृतिक सुन्दरता के अलावा झील के पानी के हरे होने के सम्बन्ध में कुछ पौराणिक कहानियां भी सुनी गई हैं। पर्यटक झील के मुग्ध करने वाले दृश्यों को कैमरे में उतारने का प्रयास कर सकते हैं।