विश्वस्तर की प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर रातों रात सुपर स्टार बनीं हिमा दास पर सौगातों की बारिश हो रही है। पहले असम सरकार ने हिमा दास को 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं अब उन्हें राज्य का ब्रांड एंबेसडर (खेल) बनाने का ऐलान किया है। हिमा दास ने गुरुवार को महिलाओं की 400 मीटर फाइनल रेस में गोल्ड मेडल जीत कर इतिहास रच दिया था। वहीं अब हिमा दास की जिंदगी से जुड़ी कई घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। 

ऐसी ही एक घटना के बारे में हिमा के पिता रंजीत दास बताते हैं कि 2007 में अचानक उन्हें घर के बाहर शोर शराबा सुनाई दिया। जब वे बाहर निकले तो घर के सामने एक लड़का अपना दायां हाथ पकड़े कराह रहा था और बगल में खड़ी हिमा उसे समझाने की कोशिश कर रही थी। सात साल की हिमा दास और उस लड़के के बीच पकड़म-पकड़ाई का खेल चल रहा था, जिसमें लड़के को चोट लग गई थी। हिमा के पिता रंजीत दास के पहुंचने के पहले उनके बड़े भाई लड़के के परिवार को कुछ पैसा देकर मामला सुलझाने की कोशिश भी कर चुके थे।

हालांकि लड़के के परिवार ने गांव की पुलिस चौकी में शिकायत कर दी और एक सिपाही हिमा दास का हाथ पकड़ उसे थाने ले गया। दारोगा ने जब लड़की की उम्र देखी और मामले को समझा तो तुरंत सिपाही को उसे घर वापस भेजने का निर्देश दिया। हिमा के परिवार ने देर रात चैन की सांस ली.हिमा के पिता रंजीत दास अब उस घटना को बहुत गर्व से बताते हैं। उन्होंने कहा कि हिमा बचपन से बहुत हिम्मतवाली रही है। चाहे खेतों में मेरा हाथ बंटाना हो या गांव में किसी बीमार को अस्पताल पहुँचाना हो, वो हमेशा आगे से आगे रहती है, लेकिन आज जो उसने हासिल किया है वो तमाम दिक्कतों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करना है।