11 मार्च 2001 का वो मुकाबला तो आपको याद ही होगा जिसमे टीम इंडिया की हार लगभग तय नज़र आ रही थी। लेकिन इसके बाद एक करिश्मा हुआ था।  राहुल द्रविड़ और लक्ष्मण ने वो करिश्मा किया था। ऑस्ट्रेलिया के जबड़े से जीत छीनकर भारत के नाम कर दी थी।  

आपको बता दे कि  भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला हेडिंग्ले (लीड्स) में खेला जा रहा है।  तीसरे दिन दूसरी पारी में भारत ने 2 विकेट गंवाकर 210+ रन बना लिए हैं। फिलहाल कप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर हैं। दोनों के बीच 80+ रन की पार्टनरशिप हो चुकी है। 

पुजारा ने टेस्ट करियर की 30वीं फिफ्टी लगाई।  उन्होंने 12 पारियों के बाद फिफ्टी लगाई।  पिछला अर्धशतक पुजारा ने इंग्लैंड के खिलाफ ही इसी साल फरवरी में चेन्नई में लगाया था।  पुजारा ने 91 बॉल पर फिफ्टी पूरी की।  यह एशिया के बाहर उनका सबसे तेज अर्धशतक रहा।  वे 91  रन पर खेल रहे थे.

रोहित ने टेस्ट करियर की 14वीं फिफ्टी लगाई।  वे 59 रन बनाकर आउट हुए।  यह इस सीरीज की उनकी दूसरी फिफ्टी रही।  रोहित ने पुजारा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 82 रन की पार्टनरशिप निभाई।  जिस फील्ड अंपायर (रिचर्ड इलिंगवर्थ) ने उन्हें जीवनदान दिया था, बाद में उसी के निर्णय ने रोहित को पवेलियन भेजा। 

भारत की पारी के 48वें ओवर में ओली रॉबिन्सन की बॉल रोहित के पैर पर लगी।  रिचर्ड ने उन्हें आउट दिया।  इसके बाद रोहित ने रिव्यू लिया।  बॉल लेग स्टंप को छूकर निकल रही थी और अंपायर्स कॉल हुआ।  रोहित इसी का शिकार हो गए। अगर अंपायर नॉटआउट देता तो रोहित क्रीज पर बने रहते।  

रोहित को 32वें ओवर में जीवनदान मिला। 

भारत की पारी के 32वें ओवर में ओली रॉबिन्सन बॉलिंग कर रहे थे।  इस ओवर की 5वीं बॉल रोहित के बैटिंग पैड पर लगी।  फील्ड अंपायर ने उन्हें नॉटआउट दिया।  इसके बाद रूट के पास डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) लेने का मौका था।  हालांकि वे 15 सेकेंड में रिव्यू नहीं ले पाए।  00 सेकेंड होते ही उन्होंने डीआरएस के लिए हाथ उठाया, लेकिन अंपायर ने नकार दिया।  बाद में रिप्ले में दिखा कि बॉल स्टंप्स पर लग रही थी।  वक्त रहते रूट ने रिव्यू नहीं लिया और रोहित को जीवनदान मिल गया। 

लोकेश राहुल लगातार तीसरी पारी में फेल

लोकेश राहुल (8 रन) लंच से पहले आखिरी ओवर में आउट हो गए।  उन्हें क्रेग ओवरटन ने जॉनी बेयरस्टो के हाथों कैच कराया।  बेयरस्टो ने स्लिप में एक हाथ से राहुल का शानदार कैच पकड़ा। लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में 129 रन बनाने के बाद से राहुल लगातार तीसरी पारी में फेल रहे।  इस दौरान उन्होंने 5, 0 और आज 8 रन की पारी खेली।