इन दिनों एशिया कप का रोमांच चरम पर है। हालांकि भारत की चिर प्रतिद्ंवदी टीम पाकिस्तान के फाइनल से बाहर हो जाने के कारण क्रिकेटप्रेमिsehwag  ने अफरीदी को किया चारों खाने चित, दी ऐसी करारी हारयों को हाई वोल्टेज फाइनल देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन उन्हें बांग्लादेश से रोमांचक मुकाबले की उम्मीद जरूर होगी। बता दें कि एशिया कप के सेमीफाइल में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर बाहर कर दिया। अब शुक्रवार को भारत और बांग्लादेश के बीच खिताबी जंग होगी। इस बीच क्रिकेट की दुनिया के दो सबसे विस्फोटक बल्लेबाज भी आमने-सामने हुए। हालांकि यह मुकाबला क्रिकेट के मैदान में नहीं बल्कि एक कार्यक्रम के दौरान हुआ। इस मुकाबले में भारत की तरफ से वीरेंद्र सहवाग तो पाकिस्तान की तरफ से तूफानी बल्लेबाज शाहिद अफरीदी आमने-सामने थे। 

sehwag  ने अफरीदी को किया चारों खाने चित, दी ऐसी करारी हार

बता दें कि जब भी पाकिस्तान और भारत के बीच क्रिकेट का मुकाबला होता है तो यह दोनों देशों के क्रिकेटप्रेमियों के लिए किसी वर्ल्डकप के फाइनल से कम नहीं होता।  दोनों देशों के टीम जब मैदान पर होती हैं कि खिलाडिय़ों के बीच तनातनी न हो, ऐसा होता ही नहीं है। इसी से जुड़ा जब एक सवाल इन दोनों पूर्व क्रिकेटर्स से पूछा गया तो जवाब में सहवाग ने साल 1999 का किस्सा सुनाते हुए कहा कि वह मेरा पहला मैच था, उस वक्त मैं नया-नया था। ये सोच रहे थे नया है इसे दबोच लो, नया कबूतर आया है। 

इस बीच अफरीदी ने कहा कि उस दौर में खिलाडिय़ों के बीच तनातनी ज्यादा होती थी। हालांकि उन्होंने इसका बचाव करते हुए कहा कि ये सब ग्राउंड के अंदर तक ही सीमित रहता था। मैच खत्म हो जाने के बाद ये चीजें भी खत्म हो जाती थी। उन्होंने बीते पलों को याद करते हुए कहा कि उस वक्त मैच खत्म होने के बाद जहीर खान, भज्जी, युवी हम सारे कमरे में एक साथ बैठ हुए होते थे। रात को साथ ही खाना खाते थे। कही आउंटिंग करते थे तो हम साथ ही निकलते थे। कभी वीरू हमें कहीं ले जाता था, तो कभी जहीर। मैं सोचता हूं कि वो सब मैच तक ही सीमित रहता था। हालांकि उन्होंने ये बात जरूर कही कि मैच के अंदर खिलाडिय़ों को एग्रेशन जरूर दिखाना चाहिए। 

वहीं वीरेंद्र सहवाग का कहना था कि ये सब पाकिस्तान टीम के साथ हो ऐसा नहीं है। सभी टीमों के साथ ऐसा जरूर होता है। उन्होंने कहा कि हमारी और पाकिस्तान की बोली एक सी है। वहीं हम एक दूसरे की भाषा को भी आसानी से समझ सकते हैं, ऐसे में मैदान में तनातनी होने के चासेंज कुछ ज्यादा ही रहते हैं। उन्होंने कहा, अब मुझे नहीं याद की ऐसा इंसिडेंट पिछले कई सालों में हुआ हो तो। वहीं कार्यक्रम के दौरान सहवाग और अफरीदी के बीच एक खास मुकाबला खेला गया। दरअसल इस मुकाबले में उन्हें हवा में बैट को घुमाकर उससे निकलने वाली हवा से मोमबत्ती बुझानी थी। एशिया कप के दोनों मैचों की तरह यह मुकाबला भी भारत ने ही जीता। यानी यहां सहवाग ने अफरीदी को मात दी। दरअसल सहवाग ने जब पहली बार बल्ला घुमाया तो एक भी मोमबत्ती नहीं बुझी। हालांकि उन्होंने दूसरे और तीसरी राउंड में दो-दो मोमबत्ती को बुझाकर कुल स्कोर 4 तक पहुंचा दिया। वहीं अफरीदी की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। उनका पहला वार खाली गया, वहीं दूसरे चांस में वे महज एक मोमबत्ती ही बुझा सके। आखिरी और अंतिम चांस में किस्मत नहीं फिर उनका साथ नहीं दिया और उनका वार खाली गया। ऐसे में कहा जाता तो सहवाग ने ये मुकाबला 4-1 से जीत लिया।