इरफान पठान एक समय अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और सटीक गेंदबाजी के जरिए भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे उदीयमान ऑल राउंडर माने जाते थे, लेकिन कुछ गलत फैसलों के कारण इरफान के करियर पर ऐसा ब्रेक लगा कि उनकी टीम में वापसी नहीं हो सकी। ग्रेग चैपल की कोचिंग के समय प्रयोगों के शिकार बने इरफान तब करोड़ो प्रशंसकों के चहेते थे, लेकिन अब वो समय बीत चुका है। फिर भी इरफान ने अपने पुराने अंदाज में हरफरमौला प्रदर्शन करते हुए टीम को शानदार जीत दिलाई।

इरफान का बेहतरीन प्रदर्शन विजय हजारे ट्रॉफी में सामने आया। जहां वो जम्मू एवं कश्मीर की ओर से खेल रहे है। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर का सामना असम से था। चेन्नई में खेले गए इस मैच को इरफान की घातक गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी के दम पर जम्मू-कश्मीर ने 79 रनों के अंतर से अपने नाम कर लिया है। इस मैच में इरफान का प्रदर्शन देख उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में शामिल इन दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहले बल्लेबाजी की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी कश्मीर की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 272 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। जम्मू की ओर से सलामी बल्लेबाज अहमद बैंडी ने सर्वाधिक 79 रनों की पारी खेली। बैंडी के साथ-साथ दूसरे सलामी बल्लेबाज शुभम खजोरिया ने भी 72 रनों की यादगार पारी खेली। इनके अलावा अंतिम के ओवरों में इरफान पठान ने 25 रनों की उपयोगी पारी खेलते हुए टीम का स्कोर 272 तक पहुंचाया।

273 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी असम की टीम 48.2 ओवर में 193 रन बना कर ऑल आउट हो गई। असम को पहला झटका पहले ही ओवर में इरफान ने रियान पराग को आउट करते हुए दिया। इसके बाद असम के बल्लेबाज नियमित अंतराल पर आउट होते चले गए। असम की ओर से कप्तान अमित सिन्हा ने कप्तानी पारी खेलते हुए हार टालने की नाकाम कोशिश की। अमित 81 रन बना कर इरफान के दूसरे शिकार बने। इसके बाद असम को अंतिम झटका भी इरफान ने दिया। खास बात यह रही कि जब भी जम्मू को विकेट की जरूरत हुई तब इरफान ने विकेट झटका।