ऑल इंडिया एडमिनिस्ट्रेटर चैलेंजर फुटबाल टूर्नामेंट पर ओवरएज का साया हटने का नाम नहीं ले रहा। यह टूर्नामेंट यूटी खेल विभाग की ओर से कराया जाता है। हर साल होने वाले इस टूर्नामेंट में देशभर से टीमें और क्लब हिस्सा लेते हैं। अपनी टीमों को जिताने के उद्देश्य से टीम प्रंबधन ज्यादा उम्र के खिलाड़ी अपनी टीम में शामिल कर लेते हैं, लेकिन चालाकी तब पकड़ी जाती है, जब वह मेडिकल में फेल हो जाते हैं। इस वजह से टीम को कई बार शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है। यहां तक कि उस टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा जाता है।

ऑल इंडिया एडमिनिस्ट्रेटर चैलेंजर फुटबाल टूर्नामेंट का 17वां एडिशन 22 से 30 सितंबर तक शहर में आयोजित किया गया था। टूर्नामेंट अंडर 14 आयु वर्ग के लिए रहा। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से टीमों ने शिरकत की। टूर्नामेंट के दूसरे दिन मणिपुर की दो टीमों में ओवरएज के मामले पकड़े गए। इनमें आइडिल यूथ एसोसिएशन मणिपुर के तीन और रीजनल फुटबाल अकादमी मणिपुर के 4 खिलाड़ी ओवरएज पाए गए। इसके बाद दोनों टीमों को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

फुटबाल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का जरूरत पड़ने पर मेडिकल कराया जाता है। इनमें अभी तक दांतों का एक्सरे कराया जाता है। इसे टूर्नामेंट केलिए बनाई गई मेडिकल कमेटी देखती है। डॉक्टरों का यह पैनल खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट स्पोर्ट्स विभाग के अधिकारियों को सौंप देता है।