रेसलर दीपक पूनिया के विदेशी कोच मोराड गेड्रोव को टोकियो ओलंपिक से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। गेड्रोव  पर आरोप है कि हार के बाद इन्होंने रेफरी पर हमला किया है।  यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने इस मामले की शिकायत इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) से की है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने इस मामले में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) से भी कार्रवाई करने की बात कही है।

ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में रेसलर दीपक पूनिया  86 KG वेट कैटेगरी में सैन मैरिनो के नाजेम मायलेस एमिने से हार गए थे। इनके कोच गेड्रोव  पर आरोप लगाया गया है कि दीपक की हार के बाद वे रेफरी रूम में गए और उस रेफरी पर हमला कर दिया जिन्होंने मुकाबले में निर्णय दिया था। चूंकि आखिरी 20 सेकेंड में ही दीपक एमिने से हार गए थे। 

6 मिनट के इस मुकाबले में दीपक 5 मिनट 40 सेकंड तक 2-1 से आगे चल रहे थे। अचानक आखिरी के 20 सेकेंड में नाजेम ने सिंगल लेग अटैक के जरिए दो पॉइंट जुटाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया। इधर भारतीय दल ने फैसले के खिलाफ अपील की जो उनके खिलाफ चली गई। इसके कारण एमिने को 1 पॉइंट और मिल गया और उसने मुकाबला 4-2 से जीत लिया। 

गौरतलब है कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने 2018 के जूनियर विश्व चैंपियन को प्रशिक्षित करने के मोराड गेड्रोव को कोच बनाया था। वे पिछले कुछ समय से दीपक का मार्गदर्शन कर रहे हैं। 42 वर्षीय गेड्रोव ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में बेलारूस का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता था।