इंडियन क्रिकेट टीम आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेलने के लिए दो जून को इंग्लैंड रवाना होगी।  तीन जून को इंग्लैंड पहुंचने तक बाद इंडियन क्रिकेटर्स को कोरोना वायरस के कड़े प्रोटोकॉल की वजह से क्वारंटाइन रहना होगा।  टीम इंडिया को हालांकि 18 जून से शुरू होने वाले फाइनल मैच के लिए धीरे-धीरे अपनी ट्रेनिंग का दायरा बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी। 

आईसीसी ने टीम इंडिया की ट्रेनिंग के बारे में जानकारी दी है।  इंग्लैंड में टीम इंडिया करीब तीन महीने और 15 दिन रहेगी।  विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के बाद भारत को इंग्लैंड के साथ ही चार अगस्त से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलना है। 

 आईसीसी ने कहा कि इंग्लैंड का दौरा करने से पहले टीम को भारत में 14 दिनों तक क्वारंटीन में रहना होगा, जहां प्रतिदिन उसके खिलाडिय़ों का टेस्ट होगा।  रवाना होने के बाद वे सीधे हैम्पशायर बाउल के होटल जाएंगे और वहां पर फिर से उनका टेस्ट किया जाएगा।  इसके बाद वे आइसोलेशन में रहेंगे। 

ट्रेनिंग का दायरा बढ़ाने के लिए खिलाडिय़ों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आना जरूरी है।  आईसीसी ने आगे कहा कि आइसोलेशन के दौरान नियमित आधार पर खिलाडिय़ों का टेस्ट किया जाएगा।  प्रत्येक राउंड की टेस्ट में निगेटिव पाए जाने के बाद बायो बबल के खिलाडिय़ों को धीरे-धीरे ट्रेनिंग का दायरा बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी। 

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड की टीम पहले से ही इंग्लैंड पहुंची हुई है।  टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले न्यूजीलैंड मेजबान इंग्लैंड के साथ दो जून से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगा।  इस सीरीज के बाद न्यूजीलैंड के खिलाड़ी बायो सिक्योर बबल में ही रहेंगे। 

 

आईसीसी ने साथ ही यह भी कहा कि बिना किसी बाधा के डब्ल्यूटीसी फाइनल का आयोजन किया जाएगा ब्रिटेन की सरकार ने इस चैंपियनशिप के आयोजन को अपनी मंजूरी दे दी है।  इंग्लैंड रवाना होते समय भारतीय खिलाडिय़ों को निगेटिव टेस्ट साथ लेकर जाना होगा।