छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम ने बुधवार को कहा कि उनका ध्यान ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक लाना है। 37 वर्षीय मुक्केबाज को टोक्यो ओलंपिक में अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए 51 किलोग्राम वर्ग में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी, हालांकि अब कोरोना वायरस महामारी के कारण यह टूर्नामेंट एक साल के लिए टाल दिया गया है।


मैरीकॉम ने जॉर्डन में हाल ही में संपन्न एशिया/ओशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालीफायर में कांस्य पदक जीता था। यही नहीं मैरीकॉम ने 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल किया था लेकिन रियो ओलंपिक के लिए वह क्वालीफाई करने में असफल रही थी। अब उनकी नजर टोक्यो ओलंपिक पर है।


मैरी कोम ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के लिए एक फेसबुक लाइव में कहा, मेरा ध्यान ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण जीतना है। मैं इस उम्र में भी वास्तव में कड़ी मेहनत कर रही हूं। मेरे लिए पहले स्थान पर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना बहुत मुश्किल था, जिसे अगले साल तक के लिए टाल दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा, "विश्व चैंपियनशिप या ओलंपिक में जगह हासिल करने के लिए मेरे पास कोई गुप्त मंत्र नहीं है। मैं हमेशा संघर्ष करती रहूंगी और तब तक हार नहीं मानूंगी, जब तक कि मैं ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण नहीं जीत लूंगी। मुझे अपने सपने को पूरा करने के लिए पूरे देश का आशीर्वाद और प्यार चाहिए।"


अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने सोमवार को घोषणा की कि टोक्यो ओलंपिक 2020 अगले साल 23 जुलाई से 8 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा, जबकि पैरालंपिक खेल 24 अगस्त से 5 सितंबर, 2021 तक खेले जाएंगे। टोक्यो 2020 ओलंपिक इस साल 24 जुलाई से शुरु होने वाले थे और 16 दिनों तक चलने वाले थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी ने खेलों के इस महाकुंभ पर ब्रेक लगा दिया।


आईओसी और जापान ने हफ्तों तक जोर देकर कहा था कि वह इसे हर हाल में आयोजित करेंगे। लेकिन कोविड-19 के तेजी से प्रसार ने एथलीटों और खेल संघों के बीच बढ़ती बेचैनी को बढ़ा दिया था। इस वायरस ने न सिर्फ ओलंपिक बल्कि दुनिया के सारे बड़े खेल इवेंट पर विराम लगा दिया।