दक्षिण अफ्रीका दौरे को लेकर भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बड़ा खुलासा किया है। मोहम्मद शमी ने कहा है कि कुछ मौकों पर बल्लेबाजी थोड़ी कमजोर रही, जिससे टीम को हार का सामना करना पड़ा। तेज गेंदबाज शमी ने कहा कि अगर गेंदबाजों को बचाव के लिए 50-60 रन और दिए जाते तो नतीजा कुछ और होता। 

भारतीय टीम को सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट मैच जीत मिली थी, लेकिन अगले दो मैच हारकर भारत सीरीज हार गया था। इसके बाद खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी टीम इंडिया का सूपड़ा साफ हो गया।  

 

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा है कि वह भविष्य को लेकर काफी आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और हमें इसकी ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए। शमी इस बात से खुश हैं कि गेंदबाजी इकाई अपने प्रदर्शन के अनुरूप रही। उनके मुताबिक, टीम को मैच में बनाए रखने के लिए यह एक मजबूत बिंदु है कि गेंदबाज 20 विकेट निकाल सकें। 

टेस्ट सीरीज में एक फाइव विकेट हॉल समेत मोहम्मद शमी ने कुल 14 विकेट अपने नाम किए। अब उन्होंने कहा है कि गलतियों का विश्लेषण किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि परिस्थितियों को दोष देने से कोई फायदा नहीं होगा। अंत में यह मायने रखता है कि आपको परिणाम क्या मिला है। भारतीय टीम साउथ अफ्रीका के दौरे को भुलाकर श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने से टेस्ट सीरीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहेगी। 

वहीं, टेस्ट सीरीज में 2-1 से हार झेलने के बाद विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी। इस बारे में मोहम्मद शमी ने कहा, "अगर खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर ध्यान दें तो नए कप्तान का काम आसान हो जाएगा। मुझे इस बात की चिंता नहीं थी कि कप्तानी के लिए कौन कदम उठाएगा। मुझे अपने प्रदर्शन और गेंदबाजी इकाई पर ध्यान देना है।" शमी ने कहा उनको खुशी है कि वे श्रीलंका के खिलाफ अपने होम ग्राउंड पर खेलेंगे।