एशियाई खेलों से पहले भारत को करारा झटका लगा। भारत की विश्व चैंपियन भारोत्तोलक मीराबाई चानू मंगलवार को कमर के दर्द का हवाला देते हुए 18 अगस्त से शुरू हो रहे इन खेलों से नाम वापिस ले लिया। मीराबाई ने भारतीय भारोत्तोलन महासंघ को इमेल भेजकर इन खेलों से बाहर रहने का अनुरोध किया है। भारत के मुख्य कोच विजय शर्मा ने मीराबाई चानू को सलाह दी थी कि उन्हें जकार्ता में होने वाली प्रतियोगिता से नाम वापस लेकर इस साल नवंबर में होने वाले ओलंपिक क्वालिफायर पर ध्यान देना चाहिए। इसलिए वह ओलंपिक क्वालिफायर के लिए खुद को तैयार करना चाहती हैं।





मणिपुर की इस खिलाड़ी ने पिछले साल नवंबर में विश्व चैंपियनशिप में 48 किलो भारवर्ग में 194 (85 किग्रा+109 किग्रा) का भार उठा कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 196 किग्रा (86 किग्रा+110 किग्रा) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी हैं। मौजूदा विश्व चैंपियन मीराबाई इस साल मई से पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या से जूझ रही हैं। पिछले सप्ताह जब दर्द से आराम मिला, तो उन्होंने मुंबई में अभ्यास शुरू किया, लेकिन फिर से दर्द शुरू हो गया।

एक नवंबर से शुरू हा रहा है विश्व चैंपियनशिप
अश्गाबात में एक नवंबर से विश्व चैंपियनशिप शुरू होने वाली है, जो इस साल ओलंपिक क्वालिफायर के लिए पहली प्रतियोगिता है। विजय ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि यह एक दुर्लभ समस्या है, चिकित्सकों का कहना है कि उनके लिगामेंट में छोटी चोट है इसलिए वह एमआरआई और सिटी स्कैन में पता नहीं चल रहा है।’उधर, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के महासचिव सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया कि कमर के दर्द और ओलंपिक क्वालिफायर की तैयारी के लिए चानू ने समय मांगा है और इन खेलों से बाहर रहने का अनुरोध किया है।

यादव ने कहा,‘ यह सही है कि मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों से नाम वापस लेने के लिए हमें मंगलवार को ई-मेल भेजा है। उन्होंने बताया है कि वह कमर के दर्द से पूरी तरह निजात पाना चाहती हैं और ओलंपिक क्वालिफायर की उन्हें तैयारी करनी हैं।’

इनसे हैं भारत को उम्मीदें
मीराबाई के हटने से अब वेटलिफ्टिंग में अब राखी हलधर (63 किलो), राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सतीश शिवलिंगम और अजय सिंह (77 किलो) और कांस्य पदक विजेता विकास ठाकुर (94 किलो) से भारत को बड़ी उम्मीदें है।