गत चैंपियन भारतीय टीम सोमवार को यहां 18वें एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी स्पर्धा में पूल-ए के एक मुकाबले में इंडोनेशिया के खिलाफ इतिहास दोहराने के इरादे से मैदान में उतरेगी और उसका लक्ष्य इन खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर चार साल पुराना इतिहास दोहराना होगा। गोल्ड के साथ ही टीम को ओलंपिक का टिकट भी मिल जाएगा।


भारत पूल ए में इंडोनेशिया, कोरिया, जापान, श्रीलंका और हांगकांग के साथ है जबकि पूल बी में मलेशिया, पाकिस्तान, बंगलादेश, ओमान, थाईलैंड और कजाखिस्तान हैं।


भारत टूर्नामेंट में सर्वाधिक रैंकिंग वाली टीम है। वह इस समय विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर है जबकि मलेशिया 12वें, पाकिस्तान 13वें और दक्षिण कोरिया 14वें स्थान पर है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम सीधे 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर जायेगी। भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कोच हरेन्द्र सिंह ने कहा, यहां जीत हमें ओलंपिक के लिए तैयार होने के लिए करीब दो वर्ष का समय देगी।


इंचियोन एशियाई खेलों में हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के आठ खिलाड़ी इस बार भी टीम में हैं। इनमें सरदार सिंह, गोलकीपर पीआर श्रीजेश, डिफेंडर रूपिंदर पाल सिंह और बीरेन्द्र लाकड़ा, मिडफील्डर मनप्रीत सिंह एवं चिंगलेसाना, फॉरवर्ड एस वी सुनील और आकाशदीप सिंह शामिल हैं।


ब्रेडा में जून-जुलाई में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में दूसरा स्थान हासिल करने वाली भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी हुयी है। कोच हरेन्द्र ने टीम के साथ मिलकर अपनी योजना बना ली है। टीम के खिलाडिय़ों के लिए महत्वपूर्ण क्षणों में आक्रामक खेल दिखाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।


इसके अलावा पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करना भी खिलाडिय़ों के लिए बड़ी चुनौती होगी। रूपिंदर पाल सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और वरूण कुमार जैसे चार ड्रैग फ्लिकरों का होना टीम को मजबूत बनाता है।


यह चारों खिलाड़ी कमजोर मानी जा रही श्रीलंका, हांगकांग और मेजबान इंडोनेशिया की टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत कप्तान एवं गोलकीपर श्रीजेश हैं जिन्होंने पिछले एशियाई खेलों के फाइनल में शूटआउट में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ जीत और स्वर्ण पदक दिलाया था।


कोच हरेन्द्र ने कहा, हम आत्मविश्वास से भरे हुए हैं लेकिन अपने किसी भी प्रतिद्वंदी को हल्के में नहीं ले रहे हैं। हमें अपनी कमजोरियों के बारे में पता है और हम उस पर मेहनत कर रहे हैं।