भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद और 18वें एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ इंडोनेशिया रवाना हो गईं।


भारत की 18 सदस्यीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत पूल बी में मेजबान इंडोनेशिया के खिलाफ 19 अगस्त को करेगी जबकि पुरुष टीम इसके एक दिन बाद अपने खिताब का बचाव करने का अभियान इंडोनेशिया के खिलाफ ही शुरू करेगी।


पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने के प्रदर्शन में सुधार के बारे में महिला टीम की कप्तान रानी ने कहा, ‘एफआईएच महिला विश्व कप 2018 में अच्छे प्रदर्शन के बाद हम एशियाई खेल के लिए जा रहे हैं जिससे हमें काफी आत्मविश्वास मिला है।’


उन्होंने कहा, ‘हालांकि हम निराश हैं कि हम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाए, एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक से विश्व कप की कड़वी यादों को भुलाने में मदद मिलेगी।’


महिला टीम को पूल बी में मेजबान इंडोनेशिया के अलावा कोरिया, थाईलैंड और कजाखस्तान के साथ रखा गया है। शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी।


दूसरी तरफ पुरुष टीम को मेजबान के अलावा कोरिया, जापान, श्रीलंका और हांगकांग के साथ रखा गया है।

गोलकीपर कप्तान पीआर श्रीजेश ने कहा, ‘एशियाई खेलों से पहले हमारी अच्छी तैयारी हुई जिसमें हमने बेंगलुरू में ट्रेनिंग शिविर में हिस्सा लिया। हमने बांग्लादेश, कोरिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ अभ्यास मैचों में भी अच्छा प्रदर्शन किया जहां हम सर्कल के अंदर गोल स्कोर करने की पोजीशन में कुछ बदलाव लागू करना चाहते थे क्योंकि चैंपियंस ट्राफी के दौरान हम इसमें पिछड़ गए थे।’

उन्होंने कहा, ‘हमने पेनल्टी कार्नर, डिफेंस और शूटआउट पर भी काफी काम किया। अब हमें प्रत्येक मैच में इसे लागू करना होगा और स्वर्ण पदक के साथ स्वदेश लौटना होगा।’