भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि ओलंपिक क्वालीफायर्स के बीच टीम का ध्यान अपने प्रदर्शन में सुधार करने पर है। मनप्रीत ने कहा, 'हमने हाल के सभी ट्रेनिंग सत्रों में अपने प्रदर्शन में सुधार करने और अच्छी फीनिशिंग पर ध्यान दिया है।'


उन्होंने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जब भी हम विपक्षी टीम के सेमी सर्कल में घुसते हैं तो हमें कम से कम पेनल्टी कॉर्नर या एक शॉट टारगेट पर लगाना चाहिए। हमने अपने कैंप में टीम के रक्षात्मक ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया है। हम विपक्षी टीम को कोई आसान मौका नहीं दे सकते।'


हॉकी इंडिया के निमंत्रण पर हॉकी के गोलकीपिंग ट्रेनर डेनिस वान डि पोल के मार्गदर्शन में यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) स्थित सेंटर में सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। कप्तान ने कहा, 'हमारे डिफेंडर्स और हमारे गोलकीपरों ने उसके साथ एक सप्ताह का समय व्यतीत किया है, जोकि काफी अच्छा था और अब हम अपनी डिफेंस पर ध्यान केंद्रित कर रहे है।'


आस्ट्रेलिया के साथ हुई टेस्ट सीरीज के बाद टीम के कोच ग्राहम रीड ने कहा था कि टीम को स्कोर में सुधार करने की जरूरत है। रीड का कोच बनने के बाद से यह पहला दौरा था।

मनप्रीत ने कहा, 'कोच का हमारे साथ यह पहला दौरा था और दूसरा यह कि हमारे पास ज्यादा अभ्यास मैच नहीं थे, जबकि वे प्रो लीग खेल रहे थे। लेकिन फिर भी मैं कहूंगा कि टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा था और हमें इससे बहुत कुछ सकारात्मक चीजें मिली।'


उन्होंने कहा, 'हमने उन मैचों से जो कुछ भी सीखा, वह भुवनेश्वर में सीरीज फाइनल्स के दौरान काम आया।' भारत अब टोक्यो का दौरा करेगा, जहां उसे 17 से 21 अगस्त तक होने वाले ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट में भाग लेना है। इस टूर्नामेंट में भारत को आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और मलेशिया के खिलाफ खेलना है। भारतीय टीम इसके बाद 23 सितंबर से अक्टूबर तक बेल्जियम का दौरा करेगी। इसके बाद ओलंपिक क्वालीफायर्स के के अंतिम राउंड में भाग लेगी।


गौर हो कि टीम में कई खिलाड़ी चोटिल हैं जिनमें मिडफील्डर चिंगलेनसाना सिंह अभी भी एढ़ी के फ्रेक्चर से उबर नहीं पाये हैं जबकि फारवर्ड ललित उपाध्याय पीठ में दर्द से जूझ रहे हैं। इसके अलावा सुमित रिहैब में है, उन्हें एफआईएच फाइनल्स में चोट लग गयी थी। कप्तान का हालांकि मानना है कि उनकी टीम मजबूत है जो अंतरराष्ट्रीय हॉकी का दबाव झेल सकती है। उन्होंने कहा, 'हम इन खिलाड़यिों की कमी महसूस कर रहे हैं और उम्मीद है कि ओलंपिक क्वालिफायर तक वे ठीक हो जाएंगे।'


लेकिन हमारे कोर ग्रुप में कई अनुभवी खिलाड़ी भी हैं जो अपना 100 फीसदी प्रदर्शन कर टीम के लिये मददगार साबित हो सकते हैं। मनप्रीत ने कहा,'हमारा पूरा ध्यान केवल ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना है। हम अभी किसी और बात का दबाव नहीं लेना चाहते हैं और न ही इस बात की चिंता है कि हमारा विपक्षी कौन होगा। हम केवल अपनी कमियों को सुधारने पर ध्यान दे रहे हैं।'