असम की सुपरस्टार हिमा दास को सरकार की टारगेट ओलिंपिक पोडियम योजना के तहत 2020 तोक्यो ओलिंपिक तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। हिमा फिनलैंड में हुई आईएएएफ अंडर 20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी। स्पोटर्स इंडिया की महानिदेशक नीलम कपूर ने इसकी पुष्टि की है। 

उन्होंने कहा, हिमा को राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद मंत्रालय की टारगेट ओलिंपिक पोडियम योजना में शामिल किया गया। उन्होंने कहा, योजना के तहत उसे 50,000 रुपये महीने आउट ऑफ पाकेट ( ओपीए) भत्ता और ओलिंपिक की तैयारी तक पूरी आर्थिक सहायता दी जाएगी। असम के नगांव जिले की रहने वाली हिमा ने 51.46 सेकंड में दूरी तय करके गोल्ड मेडल जीता। शुरुआती सूची के तहत हिमा को एशियाई खेलों तक ही सहायता मिलनी थी। 

कपूर ने कहा, हिमा और 400 मीटर के अन्य धावकों को राष्ट्रमंडल खेलों के बाद पोलैंड में सपाला ओलंपिक अभ्यास केंद्र भेजा गया, जिसका पूरा खर्च सरकार ने उठाया। बता दें कि नौगांव जिले के कांदुलिमारी गांव के किसान परिवार में जन्मी 18 वर्षीय हिमा गुरुवार को फिनलैंड में आईएएएफ विश्व अंडर -20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देशवासियों की आंख का तारा बन गईं हैं। 

वह महिला और पुरुष दोनों वर्गों में ट्रैक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं। वह अब नीरज चोपड़ा के क्लब में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने 2016 में पोलैंड में आईएएएफ विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में भाला फेंक (फील्ड स्पर्धा) में स्वर्ण पदक जीता था।