भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को पेनाल्टी शूटआउट में मलेशिया को हराने के साथ ही यूथ ओलम्पिक खेलों के क्वालीफायर का खिताब अपने नाम कर लिया।


भारत व मलेशिया के बीच मैच निर्धारित समय में 4-4 से बराबरी पर समाप्त हुआ था। इसके बाद दोनों टीमों के बीच पेनाल्टी शूटआउट हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने 2-1 से जीत हासिल की।


भारत की महिला टीम को हालांकि, फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। उसे चीन की टीम ने 1-4 से मात दी।


यह पांच दिवसीय टूर्नामेंट इस साल अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में होने वाले यूथ ओलम्पिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाला टूर्नामेंट था।

पुरुषों के फाइनल मैच में मोहम्मद अनुआर ने 11वें मिनट में गोल कर मलेशिया का खाता खोला। इसके अगले ही मिनट में राहुल कुमार राजभार ने गोल कर भारत का स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया।


इसके बाद, विवेक सिंह प्रसाद ने 14वें मिनट में गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया, लेकिन 15वें मिनट में मोहम्मद मोहराम ने गोल कर मलेशिया को फिर 2-2 से बराबरी पर ला खड़ा किया।


विवेक और राहुल ने इसके बाद, 18वें और 20वें मिनट में गोल कर भारत को 4-2 से आगे कर दिया, लेकिन मलेशिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 26वें तथा 30वें मिनट में गोल कर स्कोर 4-4 से बराबर कर लिया।


तय समय तक दोनों टीम से स्कोर 4-4 से बराबरी पर थे। ऐसे में दोनों को पेनाल्टी शूटआउट का मौका दिया गया। इसमें राहुल और रबिचंद्रन मोइरंथम ने सफल गोल किए और प्रशांत चौहान ने मलेशिया के दूसरे गोल को नेट तक नहीं पहुंचने दिया और भारत ने 2-1 से जीत हासिल की।


महिलाओं के फाइनल मैच में चीन ने शुरुआत से ही मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा था। उसने भारतीय टीम को आगे जाने का मौका नहीं दिया।


चीन के लिए इस मैच में लियु चेनचेंग (तीसरे और चौथे मिनट में), जोउ मिरोंग (चौथे मिनट में) और मा निंग (आठवें मिनट में) ने गोल किए। भारत के लिए इस मैच का एकमात्र गोल चेतना ने 16वें मिनट में किया। बता दें कि इस टीम में पूर्वोत्तर के कई खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।