विष्णु सरवनन के अलावा गणपति चेंगप्पा और वरुण ठक्कर की जोड़ी ओमान में एशियाई क्वालिफायर के जरिए ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करके भारतीय खेलों के इतिहास में नया अध्याय जोड़ने में सफल रहे। पहली बार ऐसा होगा, जब टोक्यो में होने वाले खेलों में देश के चार सेलर हिस्सा लेंगे। बुधवार को नेत्रा कुमानन टोक्यो खेलों के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली भारतीय महिला सेलर बनी थीं। उन्होंने मुसानाह ओपन चैम्पियनशिप के जरिए लेजर रेडियल स्पर्धा में क्वालिफाई किया। यह प्रतियोगिता एशियाई ओलंपिक क्वालिफाइंग टूर्नामेंट था।

भारत पहली बार ओलंपिक में तीन स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेगा। अब तक भारत ने ओलंपिक की सिर्फ एक ही स्पर्धा में चुनौती पेश की थी, लेकिन चार मौकों पर उसके दो सेलर खेलों के महाकुंभ में जगह बनाने में सफल रहे हैं। भारतीय याचिंग संघ के संयुक्त सचिव कैप्टन जितेंद्र दीक्षित ने कहा, ‘हां, इतिहास रचा गया है। चार भारतीय सेलर ने ओलंपिक की तीन स्पर्धाओं के लिए क्वालिफाई किया है। यह क्वालिफाई करने वाले सेलर की अधिकतम संख्या है और साथ ही स्पर्धाओं की भी।’

उन्होंने कहा, ‘नेत्रा ने बुधवार को ही क्वालिफाई कर लिया था और गुरुवार को विष्णु और फिर गणपति और वरुण की जोड़ी ने क्वालिफाई किया।’ गुरुवार को सरवनन लेजर स्टैंडर्ड क्लास में क्वालिफाई करने वाले पहले भारतीय रहे। उन्होंने थाईलैंड के कीराती बुआलोंग को पछाड़कर ओवरऑल दूसरे स्थान पर रहते हुए ओलंपिक कोटा हासिल किया। सरवनन के 53, जबकि बुआलोंग के 57 अंक रहे। सिंगापुर के रेयान लो जुन हान 31 अंक के साथ शीर्ष पर रहे।

बाद में चेंगप्पा और ठक्कर की जोड़ी 49ईआर क्लास में अंक तालिका में शीर्ष पर रहते हुए टोक्यो खेलों में जगह बनाने में सफल रही। इन दोनों ने इंडोनेशिया में 2018 एशियाई खेलों मे कांस्य पदक जीता था। सेलिंग की 49ईआर क्लास स्पर्धा में दो खिलाड़ी जोड़ी बनाते हैं, जबकि लेजर क्लास एकल स्पर्धा है। लेजर क्लास की स्पर्धा में दो सेलर टोक्यो ओलंपिक में जगह बना सकते हैं, जबकि 49ईआर वर्ग में एक टीम क्वालिफाई कर सकती है। बुधवार तक तीसरे स्थान पर चल रहे सरवनन ने गुरुवार को पदक रेस जीतकर कुल दूसरे स्थान के साथ ओलंपिक कोटा हासिल किया। उनके 53 अंक रहे।