सरकार ने मंगलवार शाम एशियन गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर लौटे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 40 लाख, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट खिलाड़ियों की झोली में क्रमश: 20 और 10 लाख रुपए आए। जकार्ता में हुए 18वें एशियाई खेलों में भारतीय दल ने इतिहास रचा। 15 गोल्ड, 24 रजत और 30 कांस्य पदक समेत कुल 69 पदक भारत की झोली में आए। जो एशियाई खेलों के लिहाज से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।



इस मौके पर खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा धर्मेंद्र प्रधान, किरण रीजिजू, महेश शर्मा जैसे मंत्री कार्यक्रम में मौजूद थे। इस दौरान खेल मंत्री ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बाद देश के खिलाड़ियों के लिए 2020 के ओलंपिक खेलों की उलटी गिनती शुरू हो गई है।


गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि वो दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया में आर्थिक क्षेत्र के साथ-साथ खेल में भी सुपरपावर बनेगा। मैं अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हूं। उन्होंने देश में खेलों के विकास के लिए खेल मंत्री एवं ओलंपिक रजत पदक विजेता राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ के समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना की।

हिमा दास ने एशियन गेम्स में 2 मेडल्स भारत के नाम किए। महिला सिंग्ल्स में जहां हिमा ने सिल्वर मेडल जीता तो 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में पूवम्मा राजू, सरिताबेन गायकवाड़ और विसमाया वेल्लुआ कोरोथ को साथ दौड़ते हुए टीम ने 3:28.72 का समय लेकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।


जिंसन जॉन्सन, मोहम्मद अनस के साथ एथलेटिक्स में भारतीय पुरुषों की वह टीम जिसने देश का नाम रौशन किया। एशियन गेम्स में भारत के गोल्ड मेडलिस्ट हेटे मंजीत सिंह और अरपिंदर सिंह।केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ कार्यक्रम में मौजूद खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़। राठौड़ खुद किसी जमाने में खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 2004 एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप शूटिंग में सिल्वर मेडल में निशाना लगाते ही इतिहास रच दिया था।