आईपीएल-सीजन 10 की पहली सेंचुरी लगाने के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाड़ी संजू सैमसन काफी चर्चाओं में हैं। उन्होंने पुणे के खिलाफ महज 63 गेंदों पर 102 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि संजू के क्रिकेट का यह सफर इतना आसान नहीं था। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए पिता को अपनी नौकरी तक छोडऩी पड़ गई थी। बता दें कि संजू के पिता विश्वनाथ दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। उन्होंने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए नौकरी तक छोड़ दी थी। 

2014 में राजस्थान रॉयल्स टीम ने संजू सैमसन का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करते हुए उन्हें 4 करोड़ रुपए दिए थे। तब उनकी उम्र 19 साल और 58 दिन थी। इसके साथ ही वो आईपीएल में करोड़ में कीमत पाने वाले सबसे यंग क्रिकेटर बने थे। बता दें कि संजू ने इसी टीम के साथ 2013 में 10 लाख रुपए की बेस प्राइस से आईपीएल का सफर शुरू किया था। 

संजू के पिता दिल्ली पुलिस में कॉन्सटेबल रहे। मां का नाम लिजी है। उनका एक बड़ा भाई सैली सैमसन है, जो पढ़ाई कर रहे है और केरल के लिए अंडर-25 क्रिकेट भी खेलते हैं। श्रीसंथ ने संजू को उनके शुरुआती करियर में सबसे ज्यादा हेल्प की। कहा जाता है कि श्रीसंथ के कारण ही उन्हें राजस्थान रॉयल्स टीम में जगह मिली थी। 

संजू सैमसन के आईपीएल करियर की शुरुआत 2012 में कोलकाता नाइटराइडर्स टीम से हुई थी, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। 2013 से 2015 तक संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स के लिए खेले। 2015 के बाद राजस्थान टीम पर दो साल का बैन लग गया था। फिर 2016 में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स टीम ने खरीदा था और 2017 के सीजन में रिटेन रखा। संजू के कोच बीजू जॉर्ज ने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया था कि संजू कभी आईपीएस ऑफिसर बनना चाहते थे। वो भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना भी देख रहे हैं।