इसी साल जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक खेलों से पहले भारत को बहुत बड़ा झटका लगा है. लंदन ओलिंपिक-2012 में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल  इस साल ओलिंपिक में नहीं खेल पाएंगी.

 सिर्फ सायना ही नहीं बल्कि पुरुष खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत भी इस साल टोक्यो खेलों में शिरकत नहीं कर पाएंगे. इस बात की पुष्टि विश्व बैडमिंटन महासंघ ने कर दी है. बीडब्ल्यूएफ ने स्पष्ट कर दिया है कि क्वालीफिकेशन अवधि के अंदर कोई और टूर्नामेंट नहीं होगा और मौजूदा रैंकिंग सूची में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

विश्व के पूर्व नंबर एक पुरूष खिलाड़ी श्रीकांत और सायना की उम्मीदें लगभग उसी वक्त टूट गयी थी जब कोविड-19 महामारी के कारण सिंगापुर में होने वाले ओलिंपिक क्वालीफायर के आखिरी टूर्नामेंट को रद्द कर दिया गया था. उस समय बीडब्ल्यूएफ ने हालांकि कहा था कि वह टोक्यो ओलिंपिक क्वालीफाइंग को लेकर बाद में एक और बयान जारी करेगा तब लगा था कि इन दोनों खिलाडिय़ों के लिए मौका बन सकता है.

कोई और टूर्नामेंट नहीं

बीडब्ल्यूएफ ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, बीडब्ल्यूएफ पुष्टि कर सकता है कि टोक्यो 2020 ओलिंपिक खेलों की क्वालीफाइंग समय के अंदर अब कोई और टूर्नामेंट नहीं खेला जाएगा. टोक्यो खेलों की क्वालीफाइंग अवधि आधिकारिक तौर पर 15 जून 2021 को खत्म हो रही है. ऐसे में वर्तमान रेस टू टोक्यो रैंकिंग सूची में बदलाव नहीं होगा.

मौजूदा स्वास्थ्य संकट के कारण, विश्व निकाय ने तीन महत्वपूर्ण आयोजनों के स्थगित करने के बाद क्वालीफिकेशन अवधि को लगभग दो महीने बढ़ाकर 15 जून कर दिया था. कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर के कारण हालांकि इंडिया ओपन, मलेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन का आयोजन नहीं हो सका जिससे श्रीकांत और साइना को क्वालीफिकेशन हासिल करने का मौका नहीं मिला.

बीडब्ल्यूएफ के महासचिव थॉमस लुंड ने कहा, ओलिंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया प्रभावी रूप से बंद हो गई है क्योंकि खिलाडिय़ों के लिए अंक अर्जित करने के लिए कोई अतिरिक्त अवसर नहीं हैं. भारत के लिए महिला एकल में पीवी सिंधू, पुरुष एकल में बी साई प्रणीत और चिराग शेट्टी तथा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की पुरुष युगल जोड़ी ने क्वालीफिकेशन हासिल किया है.