भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने यहां जारी 18वें एशियाई खेलों में अपने दमदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए बुधवार को अपने दूसरे ग्रुप मुकाबले में हांगकांग को 26-0 से करारी शिकस्त दी। भारत ने अपने पहले ग्रुप मुकाबले में मेजबान इंडोनेशिया को 17-0 के भारी अंतर से मात दी थी।

तोड़ा 86 साल का रिकॉर्ड

इसके साथ ही भारत ने 86 का सबसे ज्यादा गोल कर इतिहास रच दिया है। भारतीय हॉकी के इतिहास में 86 साल बाद यह मौका आया है, जब उसने इतनी बड़ी जीत हासिल की है। इससे पहले भारत (आजादी से पहले) ने 1932 लॉस एंजेलिस ओलंपिक गेम्स में अमेरिका को 24-1 से मात दी थी। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है, जिसने 1994 में समोआ को 36-1 से हराया था। 1932 में भारत की ऐतिहासिक जीत में रूप सिंह (10), मेजर ध्यान चंद(8), गुरमीत सिंह खुल्लर(5) और एरिक पिनिगर(1) गोल किया था।

चिंगलिंगसाना ने भी किया गोल

इस मैच में पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के चिंगलिंगसाना सिंह ने भी एक गोलकर इस जीत में अहम भूमिका निभाई है। बता देें कि चिंगलिंगसाना सिंह पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के रहने वाले हैं। सिंह साल 2012 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं।  इनका जन्म 2 दिसंबर 1991 को मणिपुर में हुआ था।

 

मैच में हांगकांग के खिलाफ भारत ने तेज शुरुआत की और फारवर्ड खिलाड़ी आकाशदीप ने दो मिनट अंदर ही पहला गोल करते हुए अपनी टीम को बढ़त दिला दी। एक मिनट बाद मनप्रीत सिंह ने भारत के लिए दूसरा गोल किया।


शानदार शरुआत के बाद भारत ने तेज हाकी खेलना जारी रखा और पहले क्वार्टर में चार गोल और किए। रुपिंदर पाल सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर के माध्यम से दो और एस.वी सुनील एवं विवेक सागर ने एक-एक गोल दागा।


दूसरे क्वार्टर में भारत ने आक्रामक खेल दिखाते हुए कुल आठ गोल दागे। मंदीप सिंह और ललित उपाध्याय ने दो-दो जबकि मनप्रीत, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और वरुण कुमार ने एक-एक गोल किया।


भारतीय खिलाडिय़ों ने दूसरे हाफ में भी गोल करना जारी रखा और कुल 12 गोल दागे। स्टार डिफेंडर हरमनप्रीत ने तीन और आकाशदीप, ललित एवं रुपिंदर ने दो-दो गोल दागे। इनके अलावा, दलप्रीत सिंह, चिंगलिंगसाना सिंह और सिमरनजीत सिंह ने एक-एक गोल किया। इस जीत के बाद भारत के छह अंक हो गए हैं और वह गु्रप ए में भी शीर्ष पर काबिज है। बता दें कि इससे पहले भारतीय टीम ने मंगलवार को इंडोनेशिया को 17-0 से हराया था।