बर्मिंघम इंग्लैंड के खिलाफ पुनर्निर्धारित पांचवें टेस्ट मैच में भारत के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को नहीं खिलाए जाने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने इस निर्णय को कठघरे में खड़ा कर दिया है। 

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जहां सोमवार को खेले गए मैच में भारतीय टीम विकेट हासिल करने की कोशिश में जूझती नजर आई, जो रूट (76 *) और जॉनी बेयरस्टो (72 *) दोनों के अर्धशतकों ने इंग्लैंड को अंतिम दिन से पहले शानदार स्थिति में पहुंचा दिया। इसे लेकर कनेरिया ने कहा कि टीम इंडिया अब इंग्लैंड के खिलाफ पुनर्निर्धारित पांचवें टेस्ट के लिए खराब चयन की कीमत चुका रही है।

देश के पहले बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऐप पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने कहा, "एजबेस्टन में टीम इंडिया जीतने से हारने की स्थिति में आ गई। रविचंद्रन अश्विन प्लेइंग इलेवन में क्यों नहीं थे, किसने यह फैसला लिया, कोच के रूप में द्रविड़ ने इंग्लैंड में बहुत खेला है और वह स्थिति को अच्छी तरह से जानते हैं कि इंग्लैंड की गर्मी के चलते विकेट पके और सूखे होते हैं और तीसरे दिन से गेंद स्पिन करने लग जाती है, जहां सीम है वहां नमी के कारण गेंद स्पिन करेगी। केवल बुमराह को देखकर लगता है कि वह चमत्कार कर सकता है। भारत ने गलती की और इसकी कीमत चुकाई।” 

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सोमवार को दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड का स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 259 रन था, जिसमें रूट और बेयरस्टो क्रीज पर थे। इंग्लैंड को अब जीत के लिए 119 रनों की जरूरत है, जबकि भारत को सीरीज जीतने के लिए सात विकेट लेने होंगे।

फॉर्म में चल रहे रूट और बेयरस्टो की जोड़ी के खिलाफ भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण काफी अप्रभावी दिख रहा था क्योंकि दोनों ने सोमवार को चौथे दिन के अंतिम सत्र में रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।