सिक्किम की राजधानी गंगटोक में पूर्व मुख्यमंत्री Pawan Kumar Chamling के काफिले पर पथराव हुआ है। यह घटना तब हुई जब वो विधानसभा से लौट रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पथराव के बाद राज्य में सत्तारूढ़ एसकेएम और विपक्षी एसडीएफ के समर्थकों के बीच संघर्ष छिड़ गया। खबर है कि चामलिंग के बजट सत्र के पहले दिन लगभग तीन साल बाद विधानसभा पहुंचने के मद्देनजर राज्यभर से बड़ी संख्या में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के समर्थक गंगटोक में इकट्ठे हुए थे।

बताया गया है कि राजधानी में बड़ी संख्या में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के समर्थकों के भी एकत्रित होने से तनाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, चामलिंग जब पूर्व मुख्यमंत्री बीबी गुरुंग के निधन के चलते राज्य विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित होने के बाद वहां से लौट रहे थे, तब नामनांग में उनके काफिले पर पथराव किया गया।

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अधिकारियों के अनुसार पथराव में चामलिंग के काफिले में शामिल कई वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ एसडीएफ समर्थक भी घायल हो गए, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने बताया कि बाद में जब एसडीएफ समर्थक मामले की शिकायत दर्ज कराने सदर पुलिस थाने पहुंचे, तब एसकेएम समर्थकों और उनके बीच संघर्ष छिड़ गया।

अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस दोनों पक्षों को अलग करने व स्थिति को काबू में लाने में सफल रही, पर संघर्ष में कई लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के बीच में खड़े होने के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस के अनुसार, घायल समर्थकों को इलाज के लिए एसटीएनएम अस्पताल ले जाया गया।

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घटना के बाद चामलिंग ने आरोप लगाया कि हिंसा एसकेएम के शीर्ष नेतृत्व ने भड़काई थी। उन्होंने सिक्किम में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की और कहा कि इस संबंध में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।

चामलिंग ने कहा, “एसकेएम की सरकार में राज्य में कानून का कोई शासन नहीं है।” वर्ष 1994 से 2019 तक लगातार पांच बार सिक्किम के मुख्यमंत्री पद पर अपनी सेवाएं देने वाले चामलिंग ने जून 2019 से विधानसभा जाना छोड़ दिया था, जब वहां उनकी घेराबंदी की कोशिश हुई थी।

हालांकि, हाल ही में उन्होंने घोषणा की कि वह प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व वाली एसकेएम सरकार के ‘भ्रष्टाचार’ और ‘बुरे कर्मों’ को उजागर करने के लिए विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेना शुरू कर देंगे।

अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस बीच, एसकेएम ने पथराव में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और दावा किया कि विपक्षी दल के सदस्यों द्वारा उसके समर्थकों पर बिना किसी उकसावे के हमला किया गया था।