गर्मी अपना जलावा दिखाने वाली है और अब गर्मी से हाल बहुत ही ज्यादा खराब होने वाले है। मौसम विभाग ने हाल ही में बताया है कि मार्च में गर्मी ने इतना कहर नहीं बरपाया है जितना अप्रैर और मई के महीने में बरपाने वाली है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्‍तर और मध्‍य भारत को अप्रैल में भी गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि यह महीना भी सूखा जाने वाला है कि हालांकि, लू के प्रकोप से थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन दिन-रात का तापमान सामान्‍य से ज्‍यादा रहने का अनुमान है। कुछ हिस्सों में सामान्‍य से कम बारिश के आसार जताए हैं, यानी आने वाले दिनों में मुश्किल बढ़ने वाली है।


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उत्‍तर भारत के तापमान में अगले कुछ दिन गिरावट का अंदेशा जताया गया है, लेकिन मध्‍य भारत में चार-पांच दिन लू की स्थिति बनी रहेगी। विभाग का कहना है कि इस महीने में पूर्वोत्‍तर भारत के कुछ हिस्‍से सामान्‍य से ज्‍यादा गर्म रह सकते हैं।


विभाग ने अप्रैल के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर बारिश सामान्‍य रहेगी। हालांकि उत्‍तर, मध्‍य और पूर्वोत्‍तर भारत के कुछ हिस्‍सों में सामान्‍य से कम बारिश के आसार हैं। वहीं दक्षिण भारत और उससे सटे इलाकों के अलावा पूर्वोत्‍तर में भी अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है। बता दें कि चढ़ते पारे के साथ अस्पताल पहुंचने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। अस्पतालों में डायरिया, डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग के मरीज पहुंच रहे हैं।