कोरोना महामारी के दूसरी लहर से सिक्किम अक्षुण्ण नहीं है। इस अवधि हर दिन संक्रमितों के मिलने का क्रम जारी है। संक्रमण से बचाव के लिए राज्य सरकार ने पुन: 15 दिवसीय लाकडाउन घोषित तो किया साथ ही स्कूल कालेज नहीं खोलने का निर्देश दिया।

वैसे राज्य में दूसरे चरण का लाकडाउन भी घोषित कर दिया गया। वैसे तमाम तरह के एहतियात भी बरती जा रही है। दूसरे चरण के लाकडाउन में लोगों को कुछ छूट भी दी गई है। मगर इन सबके बावजूद कोरोना संक्रमण के मामले पिछले दिनों तो कुछ कम हुए थे। 

मगर बुधवार को पुन: राज्य की जनता को दैनिक उपभोग की वस्तुओं की किल्लत न हो इसका विशेष ध्यान देते हुए पिछले दिनों दुकानों को खोलने व बंद करने का समय सुनिश्चित करने के साथ राज्य सरकार के खाद्य मंत्री अरूण उत्प्रेती ने विगत दिवस दुकानों का औचक निरीक्षण किया तथा दुकानदारों से सही कीमत पर ही सामग्री की बिक्री करने का अनुरोध किया था। इसी बीच बुधवार को पश्चिम सिक्किम के योक्सम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 13 स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमित मिलने की सूचना से हड़कंप सा मच गया।

इतनी कड़ी व्यवस्थाओं के बीच भी राज्य में संक्रमितों का मिलना अत्यन्त चिंतनीय है। उधर, विपक्षी पार्टियां भी राज्य सरकार को इस मामले में घेरने का प्रयास कर रही है।

राज्य सरकार लोगों को जागरूक करने के उद्धेश्य से माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरुक कर रहा है। टीकाकरण अभियान, सुरक्षित रहने के तरिके, कोविड प्रोटोकाल आदि को लेकर लगातार जागरुक किया जारहा है। प्रशासन शहर से लेकर गाव तक माइकिंग कर रही है। फिर भी सिक्किम कि परिस्थिति को देखें तो इस वक्त शहर से लेकर गाव तक कोरोना महामारी फैली हुई है। यहा तक की लोग घर से बाहर निकलकर बाजार, दुकान आदि जाने से डर रहे है।

सिक्किम की करीब अस्सी प्रतिशत आबादी गाव में है। लोगों की आयस्त्रोत खेती, टैक्सी वाहन चलाना है। इस अवस्था में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपनी जीवीका चलाना बहुत कठिन होती है। खेतों में सब्जिया है तो भी लोग बाजार जाने से डरते हैं।